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नावल्टी से कुतुबखाना रोड पर थमेंगे टेंपो, ई रिक्शा के पहिये!

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बरेली। शहर में टेंपो, ई रिक्शा की बाढ़ और दिन में बाजार में उनके घुसने से लग रहे जाम पर रोक लगाने की कवायद की जा रही है। एसपी ट्रैफिक ने स्टाफ के साथ बैठक करके इस बात पर चर्चा की कि मतगणना के बाद नावल्टी चौराहे से कुतुबखाना की ओर टेंपो और ई रिक्शा की आवाजाही बंद की जाए। कारें भी इधर जाने से रोकने पर विचार किया गया।
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शहर में इन दिनों नो पार्किंग का बुरा हाल है। कोई भी व्यक्ति कहीं भी वाहन खड़ा करके चला जाता है। इसके अलावा टेंपो और ई रिक्शा इतनी संख्या में हो गए हैं कि मुसाफिरों को लेकर झगड़े और मारपीट हो रही है। इनके रूट भी फिक्स न होने से ये कहीं भी घुस जाते हैं। ऐसे में शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त रास्तों पर दिन भर जाम के हालात रहते हैं। अमर उजाला ने हाल ही में शहर में बढ़े वाहनों से हो रही अराजकता की स्थिति और पुलिस की चुप्पी को फोटो और खबरों के जरिये सार्वजनिक किया था। तब अधिकारियों का दर्द था कि ट्रैफिक पुलिस का अधिकतर स्टाफ दूसरे जिलों में चुनाव कराने गया है। अब चुनाव से फोर्स लौटने के बाद यातायात पुलिस ने शहर की बदहाल यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्णय किया है। शनिवार को एसपी ट्रैफिक की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में इसी सिलसिले में बैठक हुई। सीओ ट्रैफिक नागेंद्र यादव के साथ ही टीआई जेएन अस्थाना और परवेज अली ने इसमें हिस्सा लिया। तय हुआ कि मतगणना के बाद दिन के समय नावल्टी चौराहे से कुतुबखाने की ओर ई रिक्शा, टेंपो आदि का संचालन बंद कर दिया जाए। कारों पर भी पाबंदी लगे। केवल एंबुलेंस या अन्य जरूरी सेवा के चार पहिया वाहन ही आगे भेजे जाएं।

आंकड़ों से दो गुना वाहन दौड़ रहे हैं सड़कों पर
यातायात पुलिस के पास दर्ज आंकड़ों में करीब साढ़े छह हजार ऑटो, टेंपो और ई रिक्शा हैं। सूत्र बताते हैं कि इनसे दोगुने ऐसे वाहन शहर और जिले की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इनका पसंदीदा रूट सेटेलाइट, बरेली कॉलेज, अयूब खां चौराहा, जंक्शन है। अधिकतर वाहन नावल्टी होते हुए कुतुबखाना की ओर जाते हैं। शहर के तमाम दूसरे रास्तों पर वाहन तलाशने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ता है। अगर रूट के हिसाब से इनका संचालन हो, तब ही जाम के झाम से बचा जा सकता है।
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दो सौ टेंपो-ई रिक्शा का चालान
अमर उजाला की खबरों के बाद अनियमित संचालन रोकने को चलाए गए अभियान के दौरान तीन दिन में करीब दो सौ ई रिक्शा और टेंपो के चालान किए गए हैं। यह कवायद लगातार जारी है। ट्रैफिक पुलिस चौराहों पर नजर रख रही है कि बीच सड़क पर या गलत जगह खड़े होकर तो कोई टेंपो या ई रिक्शा चालक मुसाफिरों को तो नहीं बैठा रहा है।



ट्रैफिक पुुलिस के पास कोई भी अभियान चलाने के लिए अब संख्याबल पर्याप्त है। सहयोगी होमगार्ड भी 21 मई से ड्यूटी पर आ जाएंगे। मतगणना के बाद कुछ कड़े फैसले लेकर शहर को जाम से मुक्त करने की कोशिश करेंगे। इसमें दिन के वक्त बाजार में टेंपो-ई रिक्शा की नो एंट्री भी शामिल है। जनता और वाहन चालकों का सहयोग रहेगा तो कवायद ज्यादा सफल हो सकेगी।
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- सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी ट्रैफिक
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