बरेली। रेलवे ने वेंडरों द्वारा सामान की अतिरिक्त कीमत वसूले जाने की शिकायतों को लेकर ‘नो बिल नो पेमेंट’ की नाति बृहस्पति को बरेली जंक्शन पर लागू कर दी। इसके मुताबिक कोई भी सामान खरीदने पर यात्री वेंडर से पक्का बिल (जीएसटी समेत) भी ले सकेंगे। अगर कोई वेंडर ऐसा करने से मना करता है तो यात्री की शिकायत पर रेलवे उसका लाइसेंस भी निरस्त कर सकता है। मुरादाबाद मंडल की सीनियर डीसीएम ने इस नियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश अधिनस्थों को दिए हैं। वहीं कॅमशियल विभाग ने वेंडरों को बिल बुकें और पॉस मशीनें भी साथ रखने को कहा है। इसके अलावा भुगतान लेने के लिए वेंडरों को स्वाइप मशीनें भी साथ रखने के निर्देश हैं।
जो भी सामान घरेलू बाजार में बिकता है उसकी अधिकतम कीमत टैक्स समेत उस सामान पर लिखी होती है, लेकिन रेलवे जंक्शनों पर वह सामान लिखी कीमत से ज्यादा भाव पर बेचा जाता है। इस ओवररेटिंग के चलते कई बार झगड़े तक हो चुके हैं। लंबे समय से मिल रहीं ओवररेटिंग की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए रेलवे बोर्ड ने ‘नो बिल नो पेमेंट’ की नीति पूरे देश में लागू की हुई है। बृहस्पति को इस नीति से यात्रियों को रूबरू कराने के लिए कई पोस्टर बरेली जंक्शन पर लगाए गए। उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल द्वारा जारी इस पोस्टर में साफ कहा गया है कि ‘बिल नहीं तो खाना फ्री’। यानी बिल न मिलने की दशा में कोई भुगतान न करें।
स्वाइप और पॉस मशीनें साथ रखें वेंडर
सीएमआई के सूत्रों के मुताबिक वेंडरों को बिल बुकें और पॉस मशीनें साथ रखने को कहा गया है। ताकि यात्री के बिल मांगने पर वह उन्हें दे सके। साथ ही भुगतान लेने के लिए स्वाइप मशीन भी साथ रखने के निर्देश हैं ताकि यात्री क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से भुगतान कर सके। ऐसा करने से जंक्शन पर आए दिन ओवररेटिंग को लेकर होने वाले झगड़े नहीं होंगे।
वेंडर बोले, प्रायोगिक तौर पर यह संभव नहीं
यह प्रायोगिक तौर पर संभव नहीं है। कारण, यहां ट्रेनों का अधिकतम ठहराव पांच मिनट से अधिक नहीं होता। ऐसे में यात्रियों को सामान बेेचेंगे या फिर बिल काटते फिरेंगे। रेलवे के इस फरमान से उन्हें परेशानी होगी। काम धंधा भी प्रभावित होगा। वहीं दोनों मशीनें खरीदने के लिए भी दस हजार से ज्यादा खर्च हो जाएंगे।
यात्री बोले, ओवररेटिंग से मिलेगी राहत
यात्रियों का कहना है कि रेलवे जंक्शन पर कोई भी कोल्ड ड्रिंक की बोतल खरीदो, वेंडर पांच रुपये ज्यादा पर ही देते हैं। ओवररेटिंग के पीछे कहते हैं कि बोतल को ठंडा करने में बिजली खर्च होती है, इसलिए पांच रुपये ज्यादा हैं। वहीं पानी की बोतल भी ठंडा करने के नाम पर ज्यादा रुपये लेकर बेची जाती है।
यात्रियों को किया जाएगा जागरूक, होंगे एनाउंसमेंट
मुरादाबाद मंडल की सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने बताया कि यात्रियों को जागरूक करने के लिए इस तरह के पोस्टर अन्य स्टेशनों पर भी लगाए गए हैं। जल्द ही प्लेटफॉर्म पर एनाउंसमेंट भी कराया जाएगा कि यात्री किसी भी वेंडर से कुछ भी सामान खरीदें, तो बिल अवश्य मांगें। क्योंकि यह उनके हित में है। इससे वेंडर उन्हें नकली सामान नहीं दे सकेगा। साथ ही अनाधिकृत वेंडरों द्वारा ट्रेन में सामान चोरी करने की घटनाएं भी कम होंगी, लेकिन यह तभी होगा जब यात्री वैध वेंडरों से सामान की खरीद करेंगे।