बरेली। कैंट बोर्ड अपनी आय बढ़ाने के लिए दुकानों का किराया बढ़ाने जा रहा है। बोर्ड की अगली बैठक में यह प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसकी भनक लगने के बाद कैंट में पहले से ही अघोषित तौर पर लागू ‘आउट ऑफ बाउंड’ से जूझ रहे दुकानदारों की बेचैनी और बढ़ गई है। दुकानदार अब सभासदों के जरिये कैंट बोर्ड अधिकारियों पर यह दबाव बनाने की कोशिश में जुट गए हैं कि किराया बढ़ाने से पहले ‘आउट ऑफ बाउंड’ हटाया जाए।
कैंट बोर्ड की दुकानों का किराया फिलहाल दो सौ रुपये से लेकर अधिकतम एक हजार रुपये तक माहवार है। अब कैंट बोर्ड अपनी अगली बैठक में इन दुकानों का किराया न्यूनतम 25 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव रखने जा रहा है। कैंट बोर्ड के सभासद वेद प्रकाश तनेजा और अब्दुल हामिद के मुताबिक कैंट बोर्ड अधिकारियों ने इस संबंध में सभासदों से कोई राय-मशवरा नहीं किया है। किराया बढ़ाना इसलिए भी ठीक नहीं है क्योंकि सदर बाजार में एक फौजी की हत्या के बाद सेना की ओर से ‘आउट ऑफ बाउंड’ घोषित किया गया था, जिसे कुछ दिनों बाद हटा तो लिया गया लेकिन अघोषित तौर पर अब भी ‘आउट ऑफ बाउंड’ लागू है। इससे दुकानदारों का कारोबार करीब 45 प्रतिशत तक प्रभावित हो चुका है। ऐसे में बढ़े किराये की मार पड़ेगी तो दुकानदारों के लिए कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा।
यहां बढ़ सकता है किराया
सदर बाजार में 26, सीजीएस सदर बाजार में पांच, खोखा जोन में नौ सब्जी मंडी में चार, बीआई बाजार में 21, बलवंत सिंह मार्ग की 12, ऑक्ट्री पोस्ट बदायूं रोड में दो दुकानों का किराया बढ़ाया जाने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। राजस्व निरीक्षक विकास ने बताया कि किराए की दरें नियमानुसार रिवाइज की जाएंगी। अभी कितना किराया बढ़ाया जाएगा यह तय नहीं किया गया है। बोर्ड की मंजूरी के अनुसार ही किराया वृद्धि होगी। उधर, सैन्य अधिकारियों का कहना है कि वे आउट ऑफ बाउंड हटा चुके हैं।
फौजी की हुई थी हत्या
पिछले साल 22 मार्च को सदर बाजार में सेना के लांसनायक अनिल कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जिसके बाद सेना ने फौजियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाते हुए कैंट के सिविल एरिया में रहने वाले फौजी किराएदारों के सैन्य क्षेत्र में लौटने और सिविल बाजार का बहिष्कार करने संबंधी यानी ‘आउट ऑफ बाउंड’ का आदेश दिया था। बाद में यह आदेश औपचारिक रूप से वापस ले लिया गया। हालांकि दुकानदार कहते हैं कि बाजार पर इसका असर अभी तक है।
सभासद बोर्ड की बैठक में करेंगे रास्ते बंद करने का विरोध
बरेली। बरेली क्लब के सामने पीबी रोड और चर्च रोड को आम लोगों के लिए बंद कर दिए जाने के सेना के फैसले पर कैंट बोर्ड के सभासदों ने सख्त आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर वे रास्तों को खुलवाएंगे। सभासदों का कहना है कि सैन्य सुरक्षा की बात ठीक है लेकिन रास्तों को बंद करने से पहले नियमानुसार बोर्ड की संस्तुति ली जानी चाहिए थी। सदस्य मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि 28 फरवरी को कैंट बोर्ड की बैठक होनी है। इसके एजेंडे के सात प्रस्तावों में सैन्य क्षेत्र से गुजरने वाले रास्तों को खोलने या बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सेना ने कैंट बोर्ड की अनदेखी कर रास्तों को बंद किया है। इससे पहले घोड़ा बटालियन रोड को एसएसपी बगैर कैंट बोर्ड की संस्तुति के वन वे करा चुके हैं। उपाध्यक्ष शिखा नायर और सदस्य अब्दुल हमीद ने कहा कि भले ही कोई अलर्ट हो, लेकिन रास्तों को नियमानुसार ही बंद कराना चाहिए था। जबरन आदेश लागू किया जाना गलत है।