बरेली। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 4.12 अरब रुपये का बजट कार्यकारिणी की बैठक में सामान्य संशोधनों के बाद पास हो गया। चर्चा के बाद व्यय पक्ष में 57 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर 3.66 अरब रुपये खर्च का प्रावधान किया गया है। नगर निगम में अब तक का यह सबसे बड़ा बजट है जिसमें 3.06 अरब रुपये आय का प्रावधान किया गया है। अब यह बजट मंजूरी के लिए बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा।
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक पूर्वाह्न 11.30 बजे शुरू होकर दोपहर दो बजे तक चली। मेयर उमेश गौतम ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 4 अरब 12 करोड़ 29 लाख 79 हजार 409 रुपये का बजट प्रस्तुत किया। इसमें 3 अरब 6 करोड़ 35 लाख 85 हजार रुपये की आय और 3 अरब 65 करोड़ 73 लाख 16 हजार रुपये के व्यय का प्रावधान किया गया था। बताया गया कि यह बजट पिछले साल की अपेक्षा करीब 34 करोड़ रुपये अधिक है। इसके बाद बजट पर चर्चा शुरू हुई। बैठक में उपसभापति अतुल कपूर, कार्यकारिणी के सदस्य अब्दुल कयूम मुन्ना, रईस मियां अब्बासी, छंगामल मौर्य, महलका कुरैशी, मुकेश सिंघल, अनुपम चमन, शशि सक्सेना, रईस मियां अब्बासी, पूनम गंगवार, शमीम अहमद, अजय चौहान एवं अधिकारियों में नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन., अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह, चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर, लेखा अधिकारी एचपी नारायण आदि मौजूद रहे।
व्यय पक्ष में हुआ संशोधन
जलकल विभाग में मरम्मत एवं अनुरक्षण के कार्य पर होने वाले ढाई करोड़ रुपये के व्यय को 30 लाख तक बढ़ाया गया है क्योंकि हाल ही में जल निगम से दर्जन भर टंकी नगर निगम को हस्तांतरित हुई हैं। प्रकाश विभाग में सामान की खरीदारी के लिए निर्धारित एक करोड़ के बजट को घटाकर 75 लाख और मरम्मत के व्यय को दस लाख से घटाकर एक लाख किया गया है।
अवस्थापना से खर्च हो या स्मार्ट सिटी बजट से
स्ट्रीट लाइट के मीटर लगाने के लिए अवस्थापना निधि से 50 लाख खर्च का प्रावधान किया गया। मगर इस पर मेयर उमेश गौतम ने कहा कि यह काम तो स्मार्ट सिटी के तहत हो सकता है। स्मार्ट कंट्रोल रूम से सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइट आदि के साथ देखा जाए क्या यह काम भी हो सकता है।
आय बढ़ाने के लिए सब्जीमंडी और
कुत्तों के पंजीकरण का होगा ठेका
मेयर उमेश गौतम ने बताया कि नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए कुत्तों के पंजीकरण का कार्य निजी एजेंसी को दिया जाएगा। वे घर-घर जाकर पंजीकरण करेंगे और दरवाजे पर उसका बोर्ड भी लगेगा। इसी तरह सब्जीमंडी का भी ठेका होगा क्योंकि पिछले दिनों वसूली को लेकर शिकायतें मिलीं, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। टैक्स के लक्ष्य में कोई बढ़ोतरी न करके इसे पिछले साल की अपेक्षा पांच करोड़ बढ़ाकर 30 करोड़ करके वसूली पर जोर दिया गया।
प्रमुख व्यय
जल व्यवस्था एवं निस्तारण : 32.10 करोड़
स्वच्छता व्यवस्था एवं डीजल : 90.80 करोड़
सड़क एवं सार्वजनिक निर्माण : 158.95 करोड़