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सफाई का मिला ठेका, कब्जा बचाने की दे रहे गारंटी

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बरेली। सफाई का ठेका लेने वाली कुछ निजी संस्थाओं ने लूट मचा रखी है। पीलीभीत बाईपास पर सड़क किनारे अवैध कब्जा करके रेता-बजरी का कारोबार करने वालों से हर महीने मोटी वसूली कर कब्जा बचाने की गारंटी दी जा रही है। इस तरह हर महीने लाखों रुपये का खेल किया जा रहा है, लेकिन नगर निगम को घाटा दिखाकर यूजर चार्ज जमा नहीं किया जा रहा है। मामला संज्ञान में आने के बाद मेयर उमेश गौतम ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
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पिछले दिनों मेयर उमेश गौतम ने शहर भर में जोरशोर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलवाया था। पीलीभीत बाईपास हो या पुराना शहर, हर जगह की सड़कें चौड़ी नजर आने लगी थीं, मगर कुछ समय बाद अभियान राजनीति की भेंट चढ़ गया और दोबारा कब्जे शुरू हो गए। पीलीभीत बाईपास पर सेटेलाइट से लेकर फीनिक्स मॉल के बीच रेता-बजरी और ईंट आदि के सौ से ज्यादा कारोबारियों ने सड़क किनारे अवैध कब्जा करके कारोबार शुरू कर दिया है। नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता तो खामोश है, लेकिन डोर-टू-डोर सफाई का ठेका लेने वाली एजेंसियों ने कब्जा बचाने के नाम पर इनसे अवैध वसूली शुरू कर दी है। इन एजेंसियों के कर्मचारी नगर निगम से अवैध कब्जा बचाने के नाम पर रेता-बजरी के कारोबारियों से एक-दो हजार रुपये तक महीना वसूल रहे हैं और इसके बदले सफाई की रसीद दी जा रही है।

1100 से लेकर 2000 तक वसूले
यूनिवर्सिटी के बाहर रेता-बजरी का कारोबार करने वाले संजीव पटेल ने बताया कि उनसे डेजा वू एजेंसी ने एक बार दो हजार और दूसरी बार 1100 रुपये वसूले। इसके बाद एजेंसी बदल गई और फिर नवयुग चैरिटेबल एंड वेलफेयर सोसायटी ने 1100 रुपये वसूले। संजीव का आरोप है कि वसूली करने वालों ने धमकाया कि रुपये न देने पर नगर निगम से कहकर उन्हें हटवा दिया जाएगा। अगर रुपये दे देंगे तो कार्रवाई से उन्हें बचा लिया जाएगा।
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एक हजार रुपये वसूल ले गए कूड़े की निगरानी हम कर रहे
शानू गुप्ता ने बताया कि उनसे एक हजार रुपये वसूले गए। कहा गया कि हर महीने रुपये देते रहोगे तो कारोबार चलता रहेगा। नगर निगम से कोई कब्जा हटवाने भी नहीं आएगा। रुपये न देने पर हटवाने की धमकी दी जाती है। उन्हें जो रसीद दी गई, वह डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की थी, मगर सफाई का नामोनिशान नहीं है। वे लोग स्वयं निगरानी करते हैं और नजर चूकने पर कोई कूड़ा फेंक जाता है, फिर सफाई उन लोगों को स्वयं करानी पड़ती है।

हर महीने लाखों वसूलकर निगम को लगा रहे हैं चूना
डोर-टू-डोर एजेंसियां, जिससे जैसा सौदा पट जाए, वैसी वसूली कर रही हैं। ठेले वालों से लेकर शोरूम वालों से तक वसूली की जा रही है। पीलीभीत रोड पर ही दो हजार से ज्यादा अवैध कब्जा करने वालों से वसूली की जा रही है। किसी से 500 रुपये तो किसी से दो हजार वसूले जा रहे हैं। इस तरह यहां से हर महीने लाखों रुपये की वसूली हो रही है, लेकिन नुकसान बताकर डेजा वू एजेंसी ने निगम में रुपये जमा नहीं किए तो पिछले दिनों उसे हटा दिया गया।

नगर निगम से नहीं तय कोई दर
नगर निगम ने निजी एजेंसियों को काम तो दिया है, लेकिन इसके लिए कोई दर निर्धारित नहीं की है। इसके चलते एजेंसी वाले मनमाना यूजर चार्ज वसूल रहे हैं। वसूली करने वाले दो हजार रुपये से शुरू होते हैं और जिससे जितना सौदा पट जाए, उतनी वसूली करते हैं।

अवैध वसूली के रेट
रेता-बजरी : 1100-2000
ठेला : 200-500
दुकान : 200-500
शोरूम : 1000-2000

अवैध कब्जेदारों से वसूली की शिकायत की जांच कराई जाएगी। इस पर रोक लगाने के लिए हम जल्दी ही एप लाने की तैयारी कर रहे हैं और निगमकर्मी हैंडहेल्ड मशीन लेकर मौके पर जाकर वसूली करेंगे। इन एजेंसियों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखनी होगी, अन्यथा हटा दिया जाएगा। - उमेश गौतम, मेयर
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