फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चैलेंज इवेल्यूएशन : स्नातक और परास्नातक को लाभ तो प्रोफेशनल कोर्स को क्यों नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। राज्यपाल के आदेश के बाद एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शुरू हुए चैलेंज इवैल्यूएशन का लाभ स्नातक और परास्नातक के छात्रों को तो मिला, लेकिन प्रोफेशनल कोर्स के छात्रों की बारी आने पर विश्वविद्यालय ने हाथ पीछे खींच लिए। प्रोफेशनल कोर्स में भी सैकड़ों छात्र फेल हुए हैं, इनमें कई अपनी कॉपी दोबारा चेक कराना चाहते हैं। तमाम छात्र प्रत्यावेदन भी दे चुके, लेकिन विश्वविद्यालय ने इस पर चुप्पी साध ली। कुछ छात्रों ने आरटीआई के तहत सत्यापित कॉपी भी मांगी है। वह कोर्ट का रुख भी कर सकते हैं।
विज्ञापन

पिछले साल ही विश्वविद्यालय ने राज्यपाल के आदेश पर चैलेंज इवैल्यूएशन की व्यवस्था शुरू की थी। इसके तहत स्नातक और परास्नातक के 750 से ज्यादा छात्रों ने मूल्यांकन को चुनौती दी। इससे तमाम के रिजल्ट भी बदले और फेल छात्र पास हो गए। चैलेंज इवैैल्यूएशन के आदेश में यह कहीं नहीं कहा गया था कि यह सिर्फ स्नातक और परास्नातक की मुख्य परीक्षाओं के लिए है। जनवरी में प्रोफेशनल कोर्स के रिजल्ट जारी हुए, इसमें भी बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए। एलएलएम में बीस फीसदी छात्र भी पास नहीं हो सके। बीबीए, बीसीए और एलएलबी में भी बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए। छात्रों ने आरटीआई के तहत अपनी कॉपी देखी तो वह दंग रह गए। उनका दावा है कि जानबूझकर उन्हें कम अंक दिए गए। सही उत्तर होने के बावजूद नंबर काटे गए। इसलिए वह मूल्यांकन को चुनौती देना चाहते हैं ताकि उनको जायज अंक मिल सकें। अब इन्हें यह कहकर मना कर दिया गया कि विश्वविद्यालय ने इस संबंध में कोई निर्देश नहीं दिए हैं। छात्रों का कहना है कि अगर यह व्यवस्था बंद कर दी है तो विश्वविद्यालय इसे लिखित में दे।

कुछ छात्रों ने दोबारा कॉपी चेक कराने को प्रत्यावेदन दिया है। इस संबंध में कुलपति से बात करेंगे, जैसे निर्देश होंगे वैसी कार्रवाई की जाएगी।
- संजीव कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक

गलत नीति से फेल हुए कई छात्र
चैलेंज इवैल्यूएशन में ऐसे नियम लगा दिए गए, जिससे छात्रों को कॉपी दोबारा चेक कराने के बाद भी लाभ नहीं मिल सका। दरअसल नियम था कि 14 फीसदी चैलेंज सही होने पर ही रिजल्ट प्रभावित होगा और फीस पांच सौ रुपये काटकर वापस की जाएगी। इसका नुकसान उन छात्रों को हुआ जो दो-तीन नंबर से फेल हुए। एक छात्र तीन नंबर से फेल था, चैलेंज में उसके पांच नंबर बढ़े, लेकिन उसेे फेल ही माना गया। 14 फीसदी के नियम के कारण उसे पास नहीं किया गया। बीएससी गणित के एक छात्र ने सत्यापित कॉपी लेकर कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन


विधायक का भतीजा सबको हड़का गया
एक विधायक का भतीजा बरेली कॉलेज में एलएलबी का छात्र है। वह भी फेल हो गया। जब उसने कॉपी देखी तो उसने दावा किया कि उसे जानबूझकर फेल कर दिया गया। इसको लेकर कई कर्मचारियों से उसकी नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें