बरेली। बड़ा बाईपास से लगे 33 गांवों की जमीन की रजिस्ट्री रोकने के आदेश ने तूल पकड़ लिया है। कातिबों ने एआईजी स्टांप बृजचंद सिंह से मिलकर कहा कि प्रमुख सचिव आवास को किसी भी तरह की रजिस्ट्री रोकने का अधिकार नहीं है। एआईजी स्टांप ने कातिब प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि वह जल्द ही डीएम से मिलकर समस्या का समाधान निकालेंगे।
प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने बरेली समेत प्रदेश के समस्त विकास प्राधिकरणों को जारी पत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्णय का हवाला देते हुए महायोजना में चिह्नित जमीनों के ग्रीन बेल्ट या पार्क की जमीन की किसी भी तरह की रजिस्ट्री या निर्माण को पूर्ण प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं। इसमें कहा गया है कि महायोजना में ग्रीन बेल्ट की चिह्नित जमीन के भू-उपयोग के अनुसार जो जमीन ग्रीन बेल्ट या पार्क में चिह्नित है, उसका गाटा नंबर, आराजी संख्या स्टांप एवं निबंधन विभाग और डीएम को उपलब्ध कराई जाए। प्रमुख सचिव के आदेश के बाद बीडीए उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार ने बड़ा बाईपास के दोनों ओर 140-140 मीटर जमीन प्राधिकरण की 2021 की महायोजना में ग्रीन बेल्ट के लिए चिह्नित करने के निर्देश दिए। स्टांप एवं निबंधन विभाग को लिखे पत्र में बीडीए वीसी ने कहा कि बड़ा बाईपास से लगे 33 गांवों में ग्रीन बेल्ट एरिया में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाई जाए। शासन के पत्र के हवाले से स्टांप एवं निबंधन विभाग को चेतावनी देते हुए कहा गया कि अगर ग्रीन बेल्ट की जमीन की रजिस्ट्री होती है तो जिम्मेदारी रजिस्ट्री दफ्तर की होगी। बीडीए की चेतावनी के बाद रजिस्ट्री विभाग में हड़कंप मच गया। स्टांप एवं निबंधन विभाग राजस्व वसूली से होने वाले नुकसान की आशंका से परेशान है क्योंकि इसका असर स्टांप की राजस्व वसूली पर पड़ेगा।
इन गांवों में नहीं होगी जमीन की रजिस्ट्री
परसाखेड़ा, धंतिया, ट्यिूलिया, हमीरपुर, परधौली, बिबियापुर, अटा कायस्थान, बिलवा, सैदपुर चुन्नीलाल, मुड़िया अहमद नगर, आसपुर खूबचंद, कुम्हरा, नवदिया कुर्मियान, रुपापुर बढ़ैयपुरा, अहलादपुर, कलारी, लालपुर, इटौरा बेनीराम, कचौली, बालीपुर अहमदपुर, पूरनापुर, नवदिया झादा, बिथरी चैनपुर, फरीदपुर इनायत खां, आलमपुर, गजरौला, धारूपुर अकबरपुर, उड़ला जागीर, टाह ताजपुर, गोपालपुर, गोपालपुर नगरिया अनूप और पीतमपुर मजरा रजऊ परसपुर।
क्या बोले कातिब
बड़ा बाईपास पर किसानों की जमीन की खरीद या बिक्री पर कैसे रोक लगाई जा सकती है। स्टांप अधिनियम की धारा 35 के अनुसार किसी भी तरह की जमीन की रजिस्ट्री रोका नहीं जा सकती। अमर सिंह, अध्यक्ष कातिब एसोसिएशन
बड़ा बाईपास की जमीन के दोनों ओर किस गाटा नंबर की जमीन की रजिस्ट्री नहीं होनी है या किस जमीन की होनी है, यह स्पष्ट नहीं है। शासन 33 गांवों में पूरी जमीन की रजिस्ट्री कैसे रोक सकता है। बीडीए को गाटा नंबर भेजना चाहिए। राजेश सक्सेना, संजू कातिब
यह निर्णय किसान विरोधी हैं। किसान पहले से ही संकट में हैं। मजबूरी में कोई किसान अपनी जमीन बेचकर शादी ब्याह या बीमारी में इलाज कराना चाहे तो कैसे कराएगा। सरकार जल्द समाधान निकाले, अन्यथा आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। अनिल साहनी, प्रगतिशील किसान
बड़ा बाईपास के किनारे 140-140 मीटर जमीन ग्रीन बेल्ट में महायोजना 2010-12 में ही चिह्नित है। बीडीए ने केवल निर्माण पर रोक लगाई है। किसानों की खेती या पेड़ पौधे लगाने पर रोक नहीं है। जमीन किसानों की ही रहेगी। मगर, वे यह जमीन बेच नहीं पाएंगे। ग्रीन बेल्ट की जमीन से बीडीए का कोई लेना-देना नहीं है। डा. सुरेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष बीडीए