बरेली। नगर निगम ने जल संरक्षण और आय के लिए अपने तालाब पट्टे पर देने की योजना बनाई है, लेकिन कई तालाबों में अवैध कब्जा कर मकान और सड़क बना लिए गए हैं। इनसे अब तक कब्जा नहीं हटवाया गया है, ऐसे में यहां जल संरक्षण के मुद्दे पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद नगर निगम शहर के 18 क्षेत्रों में स्थित 35 तालाबों को पांच साल के पट्टे पर देने की तैयारी कर रहा है। निगम का दावा है कि इससे नगर निगम को आय भी होगी, साथ ही जल संरक्षण भी हो जाएगा। मगर इनमें से कई तालाब ऐसे हैं जिन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इसमें हरुनगला में गाटा संख्या 653 है, जिसे किसी व्यक्ति ने कॉलोनी में दबा लिया है। बदायूं रोड पर गणेशनगर का तालाब पाटकर भी कई मकान बना लिए गए हैं। ऐसे ही कंजादासपुर में गाटा संख्या 59, तुलाशेरपुर में गाटा संख्या 36 के कुछ हिस्से पर कब्जे करके मकान बना लिए गए हैं। कुंवरपुर में गाटा संख्या 421 पर भी एक व्यक्ति ने खपरैल डाल ली है। सरनिया में गाटा संख्या 444 पर स्थित 0.354 हेक्टेयर तालाब का आधा हिस्सा कब्जा हो गया है। यही स्थिति सनइया में गाटा संख्या 177 पर भी अवैध मकान बने हैं।
बीडीए ने तालाब पाटकर बना दी सड़क
मठ लक्ष्मीपुर में गाटा संख्या 92 पर 0.240 हेक्टेयर भूमि में नगर निगम का तालाब है। मगर बीडीए ने तालाब का कुछ हिस्सा पाटकर सड़क बना दी है। पिछले दिनों इसकी जांच भी हुई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
तालाब पांच साल के पट्टे पर दिए जा रहे हैं। अगर किसी तालाब को पाटकर कर निर्माण कर लिया गया है तो पट्टेदार को नगर निगम में शिकायत करनी होगी और फिर कब्जा हटवा दिया जाएगा।
- राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त