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स्वच्छता पर सात करोड़ खर्च फिर भी गंदगी से बीमार शहर

Tue, 25 Sep 2018 11:33 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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पानी की तरह पैसा बहाने के बाद भी नगर निगम शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने में नाकाम साबित हो रहा है। फॉगिंग, एंटी लार्वा, फावड़ा, कूड़ा कलेक्ट करने वाले वाहनों और डीजल के लिए सात करोड़ का भारी भरकम बजट होने के बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। शहर में फैली गंदगी के कारण ही बीमारियों ने विकराल रूप ले लिया है। लोग फैल्सीपेरम मलेरिया, डेंगू, बुखार और उल्टी-दस्त की चपेट में आ रहे हैं।
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निगम सूत्रों की मानें तो बहुत पहले नगर निगम फॉगिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव और मशीनों और गाड़ियों के रखरखाव के लिए अलग-अलग बजट बनाता था। अब स्वच्छता के नाम पर एक साथ लगभग सात करोड़ रुपये का बजट जारी होता है। जरूरत के हिसाब से फंड का पैसा इस्तेमाल होता है। मगर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व्यवस्था बनाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। इसके कारण शहर का बुरा हाल बना हुआ है। स्थिति यह है कि शहर में कूड़ा कलेक्ट करने के लिए बारिश से पहले जो नये वाहन मंगाए गए थे, वह भी नगर निगम के स्टोर में पड़े हैं।
आलम यह है कि वार्डवार फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव करने के लिए जो रोस्टर तैयार किया गया है, नगर स्वास्थ्य अनुभाग की टीम उस पर भी अमल नहीं कर पा रही। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अब्बास अली अंसारी खुद इस बात को स्वीकारते हैं। उनका कहना है कि फॉगिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव के लिए रोजाना दो तीन आवेदन आते हैं, वहां टीम को भेज छिड़काव कराया जाता है। इस वजह से रोस्टर के हिसाब से काम नहीं हो पाता है।
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