भाजपा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल ने कहा कि पुलिस कप्तान अंग्रेजी शासन के जरनल डायर से भी ज्यादा क्रूर हैं। कप्तान ने खजुरिया में दलित महिलाओं और बच्चों पर निर्ममतापूर्वक लाठीचार्ज कराया। वह इससे पहले भी भाजपा, विहिप, बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कराकर मुकदमे दर्ज करा चुके हैं। न वह कांवड़ के बारे में कुछ जानते हैं, न ही मोहर्रम के बारे में। एसएसपी और एसपी सिटी बरेली में रहने लायक नहीं हैं।
विधायक ने सर्किट हाउस में कहा कि उन्होंने डीजीपी को भी अपने ऊपर एफआईआर दर्ज कराने की सूचना दी। साथ ही उनसे भी कप्तान और एसपी सिटी को बरेली से हटाकर निलंबित करने और रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। एसएसपी ने मुकदमा लिखने और दबिश देने से पहले विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति नहीं ली। वह अगर उनको गिरफ्तार करना चाहें तो वह समर्थकों समेत गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। विधायक ने बताया कि वह जल्द ही पार्टी विधायकों और लाठी चार्ज में घायल दलित महिलाओं और बच्चों के साथ लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे और एसएसपी व एसपी सिटी की करतूत बताएंगे। विधायक ने हालांकि डीएम, आईजी, एडीजी की समेत थाना प्रभारियों की कांवड़ और मोहर्रम में झगड़ा फसाद रोकने की भूमिका की सराहना भी की। कहा कि अगर यह अफसर न होते तो एसएसपी बरेली में दंगा करा चुके होते। अपने कार्यालय की तरफ से ताजियों का जुलूस निकलने के बारे में कहा कि उधर से कभी कोई जुलूस नहीं निकला। शुक्रवार को पहली बार ऐसा हुआ। यह इलाका सेना का संवेदनशील क्षेत्र है। आम रास्ता नहीं है।
पुलिस की दबिश से बढ़ा आक्रोश
पुलिस की दबिश पड़ते ही भाजपाइयों में आक्रोश बढ़ता गया और समर्थक उनके कार्यालय पर जमा होने लगे। कार्यालय पर विधायक समर्थक देर रात तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। पप्पू भरतौल ने कहा ‘जिन ईंटों का घर बना है, उन ईंटों की ही जेल’ भी बनी है। उनको गिरफ्तारी से डर नहीं। पुलिस कप्तान ने अपनी नाकामयाबी छिपाने के लिए उन पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस जिस तरह से गांवों में घूमकर बच्चों और औरतों को पीट रही है। उससे ऐसा लगता है कि वह उनके समेत पूरी जनता आतंकवादी है। खजुरिया में पुलिस ने जेसीबी ले जाकर ट्राली पलट दी। किसान उद्योगपति नहीं है, जो ट्राली दोबारा खरीद लेंगे।