चालाक है बाघ, सुरक्षित पकड़ना चुनौती
वन संरक्षक ने माना, टीम को चकमा दे रहा बाघ
बाघ की तस्वीर ली कैमरे ने, टाइगर रिजर्व भेजा फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगंज पश्चिमी। रबर फैक्ट्री जंगल में वन टीमों से लुकाछिपी खेल रहे बाघ को पकड़ना मुश्किल हो रहा है। संयुक्त टीम को जंगल में सप्ताह भर से ज्यादा वक्त गुजर गया पर आज तक एक भी कर्मचारी बाघ को नहीं देख सका है। गुरुवार को भी टीमें बाघ की तलाश में जुटी रहीं। वन संरक्षक पीपी सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में बाघ की मौजूदगी स्वीकारते हुए सीसीटीवी कैमरे में आई फुटेज के हिसाब से बताया कि बाघ पूर्ण वयस्क और करीब दो क्विंटल वजन का है।
उन्होंने बताया कि फैक्ट्री का जंगल घना है। आशंका जताई कि अगर उस पर ट्रैंकुलाइजिंग गन से फायर किया जाए तो बेहोश होने से पहले वह घनी झाड़ियों या कोठरियों के खंडहरों में खुद को छिपा सकता है। ऐसा हुआ और बाघ को फौरन उचित उपचार नहीं दिया गया तो जहर से उसकी मौत भी हो सकती है। कहा कि बाघ को खो देने का रिस्क नहीं उठा सकते। इसलिए बाघ को कैद करने वाला पिंजड़ा, ट्रांसपोर्टेशन पिंजड़ा, टाइगर रेस्क्यू ट्रैक्टर और ट्रैंकुलाइजिंग गन जैसे संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद पीटीआर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और वन विभाग की टीमें विशेष सावधानी बरत रही हैं। एक कैमरे चहलकदमी करते बाघ का फोटो भी आया है। शिनाख्त के लिए फोटो व्हाट्सएप से पीलीभीत टाइगर रिजर्व भेजा गया है। बाघ जहां का भी होगा, वहां भिजवाया जाएगा।