महिला के मुताबिक जिस समय मां भीख मांगने जाती थी, उस समय झोपड़ी में बच्चे अकेले रहते थे। इस बात का फायदा उठाकर भीमनगर गांव के चार लड़के खाना देने के बहाने झोपड़ी में आते थे। वह उनकी तेरह वर्षीय बेटी को डरा धमकाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करते थे।
महिला के मुताबिक यह लड़के कई महीनों से उनकी बेटी से दुष्कर्म कर रहे थे। किशोरी जब गर्भवती हुई और उसकी शारीरिक स्थिति में बदलाव आया तो उसकी मां को इस बारे में पता चला। किशोरी की मां ने बेटी से अकेले में पूछा तो उसने घटना के बारे में बताया। इस बीच करणी सेना के जिलाध्यक्ष राहुल सिंह के साथ महिला ने इज्जतनगर थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
बच्चे को जन्म देना मजबूरी, तभी बचेगी किशोरी की जान
सीओ से पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें भी सामने आईं। महिला से सीओ ने पूछा कि उनको बेटी के आठ माह के गर्भ के बारे में जानकारी कैसे नहीं हुई तो वह जवाब नहीं दे सकी। महिला ने स्वीकार किया कि उसे कुछ बातों की जानकारी थी पर शिकायत करने से झिझक रही थी। शिकायत कैसे की जाए और किससे की जाए, ये जानकारी भी नहीं थी।
संगठन के नेता राहुल ने उससे मुलाकात कर हिम्मत बंधाई तो वह शिकायत करने आ गई। सीओ ने किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा तो करीब 31 महीने का गर्भ बताया गया। डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि किशोरी की जान बचाने के लिए बच्चे को दुनिया में लाना जरूरी है। अब पुलिस के साथ ही संबंधित विभागों को किशोरी के सुरक्षित प्रसव की तैयारी करनी है।
सीओ तृतीय अनीता चौहान ने बताया कि किशोरी के बयान से स्पष्ट हुआ है कि एक ही आरोपी उसके साथ लंबे समय से दुष्कर्म कर रहा था। बाकी लोग उसके साथ आते जाते रहते थे। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी की तलाश की जा रही है।