बरेली। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश के लिए जिले में पहले चरण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। करीब 1266 को निरस्त किया गया। इसमें अभिभावकों ने कहीं दस्तावेज गलत लगा रखे थे, तो कहीं दूसरे क्षेत्र के स्कूल का चयन करने का प्रयास किया। 21 फरवरी से दूसरे चरण की आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।
विभाग की ओर से बुधवार को खोली गई लाॅटरी के माध्यम से जिले के 2,714 बच्चों का चयन निजी स्कूलों में दाखिले के लिए किया गया था। इसमें जिले के 1,862 स्कूलों में कुल 14,165 सीटें आरटीई के दायरे में आती हैं, जिन पर आने वाले विभिन्न चरणों में प्रवेश की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इस बार विभाग को प्रथम चरण के लिए कुल 6,580 आवेदन प्राप्त हुए थे। विभागीय जांच और सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में खामियां सामने आईं, जिसके चलते 1,266 आवेदनों को दस्तावेजों में त्रुटि होने के कारण निरस्त कर दिया गया। जांच में केवल 5,314 आवेदन ही सही पाए गए। सत्यापित आवेदनों में से लॉटरी के माध्यम से 2,714 बच्चों को स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं, जबकि 2,600 बच्चे सीटों की सीमित संख्या और अन्य तकनीकी कारणों से इस चरण में विद्यालय पाने से वंचित रह गए।
बीएसए डॉ. विनीता ने आवेदन निरस्त होने के पीछे अभिभावकों की ओर से की गई गलतियों को मुख्य कारण बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि कई आवेदकों ने अपने निवास क्षेत्र से बाहर के स्कूलों का चयन करने के लिए पोर्टल पर गलत दस्तावेज अपलोड कर दिए थे। भौगोलिक सीमा का पालन न करने और दस्तावेजों की विसंगति के कारण पोर्टल ने स्वतः ही ऐसे आवेदनों को खारिज कर दिया। उन्होंने अभिभावकों को आगामी चरणों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।