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पढ़कर आए अमर उजाला, भैंसों के बहाने स्मार्ट सिटी पर तंज

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बरेली। सड़क पर घूमती भैंसों के बहाने अखिलेश यादव ने स्मार्ट सिटी पर भी तंज कसा। अखिलेश यादव बोले कि हमने सुना है कि बरेली स्मार्ट सिटी होने जा रहा है। जरूर स्मार्ट सिटी ऐसा होता होगा जहां सड़क पर भैंसें घूमती हों। ऐसे ही स्मार्ट गांव भी होते होंगे, जहां फसल बचाने के लिए जानवरों को नहीं खेतों को रस्सी से बांधना पड़ता होगा। बता दें कि बृहस्पतिवार के अंक में अमर उजाला ने शहर के ट्रैफिक सिस्टम को ध्वस्त करती भैंस और अफसरों की बेपरवाही की खबर छापी थी। ऐसे में पंडाल में लोग कहने लगे कि लगता है, अमर उजाला की खबर पढ़कर आए हैं।
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भगवत भूले चुनाव की तारीख
भगवत सरन गंगवार चुनाव की तारीख ही भूल गए। उन्होंने 23 अप्रैल के बजाय 21 अप्रैल को मतदान की तारीख बता दिया। इसके अलावा अखिलेश यादव के समय से आने के चलते अधिकांश नेताओं को बोलने का मौका ही नहीं मिला।

मंच पर बैठने की मारामारी
पंडाल में दो मंच बनाए गए थे, बड़े मंच पर मुख्य नेता थे, बाकी छोटे मंच पर थे। फिर भी नेताओं में मंच पर बैठने को लेकर मारामारी मची थी। योगेश यादव सूची में नाम होने के बावजूद मंच पर नहीं पहुंच सके। पार्षद अब्दुल कयूम मुन्ना को छोटे मंच पर देख अखिलेश ने खुद मुख्य मंच पर बुलवा लिया। संचालन पूर्व महानगर अध्यक्ष जफर बेग ने किया। मुख्य मंच पर सूरज यादव, अरविंद यादव, गौरव सक्सेना, तबस्सुम खान एवं बसपा से संजीव सागर, राजेश सागर आदि मौजूद रहे। इसके अलावा वैभव गंगवार, बृजेश नंदवंशी, हैदर अली, भारती चौहान, निर्भय यादव, बसपा के राजेंद्र गौतम आदि छोटे मंच पर मौजूद रहे।
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ये हो तो सबके लिए हो..
प्रो. वसीम बरेलवी ने अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए उन्हें उर्दू को सम्मान देने वाला बताया। अखिलेश के कहने पर उन्होंने सुनाया- ‘ये है तो ये सब के लिए हो, ये जिद हमारी है, इस एक बात पर दुनिया से जंग जारी है..’।

पूरे देश की जनता की बरेली पर निगाहें : नरेश उत्तम
बरेली। अखिलेश यादव से पहले सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पूरे देश की बरेली की सीट पर निगाहें हैं। बदायूं से लौटते समय लोगों ने रास्ते में मुझे भगवत सरन की जीत के प्रति आश्वस्त किया। बोले- भगवत जीतेंगे तो बरेली का नक्शा ही अलग होगा। बोले मुख्यमंत्री संविधान की कसम खाकर भी उसका मतलब नहीं समझते। कैराना जीतकर गठबंधन ने प्यार का पैगाम दिया है। भाजपा मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में भी चली गई लेकिन इनका बड़बोलापन कम नहीं हुआ। भाजपाई हमसे भयभीत हैं, तभी हमारे गठबंधन को ठगबंधन बताते हैं। बोले- योगी बाबा कहते हैं कि 14 दिन में गन्ने का भुगतान होगा लेकिन 24 महीने में भी नहीं हुआ। भाजपा सामाजिक तानाबाना बिगाड़कर समाज को कमजोर किया।
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