बरेली। श्रीरामलीला सभा की ओर से बड़ी बमनपुरी में चल रहे श्रीराम लीला मंचन के 11वें दिन रविवार को अगस्त्य मुनि संवाद लीला, सूर्पणखा की नाक काटने और खर-दूषण वध प्रसंगों का मंचन हुआ। खर-दूषण के पुतले का भी दहन हुआ। अगस्त्य मुनि प्रसंग का मंचन अगस्त्य मुनि आश्रम पर हुआ।
दर्शाया गया कि अगस्त्य मुनि ने श्रीराम को नए अस्त्र-शस्त्र प्रदान कर आसुरी शक्तियों के विनाश का आह्वान किया। इससे पहले लीला स्थल से अगस्त्य मुनि आश्रम तक जुलूस निकला। वहां संवाद होने के बाद कलाकार वापस लीला स्थल पहुंचे। इसके बाद सूर्पणखा प्रसंग का मंचन हुआ। इसमें बार-बार मना करने पर भी वेष बदलकर श्रीराम से विवाह का निवेदन करने पहुंची सूर्पणखा के कान-नाक लक्ष्मण जी ने काट दिए। इस अपमान का बदला लेने खर-दूषण पहुंचे। श्रीराम ने उनके शरीर के कई टुकड़े किए पर वे बार-बार जुड़ जाते। इस पर श्रीराम ने अग्नि बाण से जलाकर वध कर दिया। यह देखकर पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान अध्यक्ष अतुल कपूर, अमित अरोरा आदि मौजूद रहे।