बरेली। वैध अथवा अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर हो रहे गर्भपात को रोकने के लिए अब स्वास्थ्य महकमा मुखबिरों की मदद लेगा। पुख्ता सूचना देने पर दो लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। जिसके तहत मुखबिर के रूप में ऐसे केंद्रों की सूचना देने वाले को 60 हजार रुपये, मिथ्या ग्राहक के रूप में किसी गर्भवती महिला द्वारा सफल डिकॉय आपरेशन कराए जाने पर एक लाख और उसके सहयोगी को 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि बेटियों को बचाने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने इस दिशा में नई पहल की है। लिंग जांच, कन्या भ्रूण हत्या और अवैध गर्भपात पर नजर रखी जाएगी। बताया कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर भ्रूण, लिंग जांच पर रोक लगाने के लिए पहले से ही पीसी एंड पीएनडीटी (पूर्व गर्भाधान एवं पूर्व प्रसव निदान तकनीक) में प्रावधान किए गए हैं। फिर भी इस पर रोक नहीं लग सकी है। चोरीछिपे कुछ केंद्र अवैध गतिविधियां कर रहे हैं। इसे देखते हुए मुखबिर योजना लागू की जा रही है। पुरस्कार धनराशि में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से वित्तीय मदद ली जाएगी। सनद रहे कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत डिकॉय आपरेशन की पहले से व्यवस्था थी। हालांकि, इसमें नकद पुरस्कार का प्रावधान अभी जोड़ा गया है। योजना में मुखबिर की पहचान गुप्त रहेगी, लेकिन खबर गलत होने पर मुखबिर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
इस तरह बन सकेंगे मुखबिर
इच्छुक आवेदकों को मुखबिरी के लिए आवेदन करना होगा। इसमें राज्य या केंद्र सरकार की सेवाओं में कार्यरत व्यक्ति या अन्य समेत गर्भवती महिलाओं को भी मुखबिर, मिथ्या ग्राहक या सहायक के तौर पर चुना जाएगा। मिथ्या ग्राहक बनने वाली गर्भवती महिला को शपथ पत्र स्वास्थ्य विभाग में देना होगा। पुरस्कार राशि तीन किश्तों में मिलेगी। पहली, सूचना सही होने पर, दूसरी, न्यायालय में हाजिरी के दौरान और तीसरी, न्यायालय से दोषी को सजा मिलने पर मिलेगी।
ऐसे काम करेगी मुखबिर योजना
योजना के तहत उन अल्ट्रासाउंड सेंटरों और नर्सिंग होम की पहचान की जाएगी जो गर्भवती महिलाओं का भ्रूण परीक्षण कर उन्हें जन्म लेने से पहले ही कन्या भ्रूण हत्या के लिए उकसाते हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम बताए गए पते पर छापा मारेगी। इसके बाद संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर और नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
‘मुखबिर योजना के लागू होने से भ्रूण हत्या पर रोक लगने की संभावना है। जिससे लिंगानुपात बराबर होगा। सीएचसी व पीएचसी के चिकित्सकों को आदेश के प्रभावी होने की जानकारी दे दी गई है।’
- डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ