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चुनाव से पहले शहर का विकास बंद, माफिया का शुरू

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बरेली। चुनाव से पहले एनएचएआई के अधिकारी भले ही खस्ताहाल बरेली-सीतापुर फोरलेन को सुधारने का काम न शुरू किया हो, लेकिन दूसरी ओर माफिया को फायदा पहुंचाने की कवायद शुरू हो गई है। उत्तराखंड को जोड़ने वाले हाईवे बरेली-सितारगंज को फोरलेन बनाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की तरफ से दिल्ली की एक कंपनी से सर्वे शुरू करा दिया गया है। इसकी भनक लगते ही कई भू-माफिया की नजर हाईवे किनारे की जमीनों पर टिक गई है। किसानों से औने-पौने रेट पर जमीन खरीदकर प्रशासन और एनएचएआई अफसरों की सांठगांठ कर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में इसके कई गुना दाम वसूलने का खेल एक बार फिर शुरू होने के आसार है।
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चीन बॉर्डर तक पहुंच बनाने के लिए भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक करीब 74 किलोमीटर रोड को फोरलेन बनाया जाना है। इससे करीब दस मीटर चौड़ा हाईवे करीब दोगुना चौड़ा हो जाएगा। बताते हैं कि एनएचएआई दिल्ली हेडक्वार्टर से आई टीम ने इसके सर्वे भी शुरू कर दिया है। कई जगहों पर इस हाईवे को मोड़ा भी जाना है। बताते हैं कि सर्वे शुरू होने के साथ माफिया भी सक्रिय हो गए हैं। वे प्रशासन और एनएचएआई अफसरों से मिलकर उन जगहों का चिह्नित कर रहे हैं जहां जमीन अधिग्रहण होना है। इन माफिया के गुर्गे अधिग्रहण का खौफ दिखाकर किसानों की जमीनों को सस्ते रेट लगवा रहे हैं और उन पर जल्द बैनामा करने का भी दबाव बना रहे हैं। इन खेतों को प्लाट या व्यावसायिक संपत्ति दिखाकर सरकार से इनका चार से पांच गुना तक मुआवजा लिया जाता है। इस तरह एक बार मुआवजे के नाम पर करोड़ों की सरकारी रकम को ठिकाने लगाने की तैयारी की जा रही है। उधर बरेली-सीतापुर हाईवे करीब आठ माह बाद भी नहीं सुधर रहा। एनएचएआई अधिकारी इसे लेकर आंख मूंदे हुए हैं।

पहले भी अफसर कर चुके हैं मुआवजे का खेल
वर्ष 2012-13 में बरेली-सितारगंज रोड को सात से दस मीटर चौड़ा करने का काम शुरू हुआ था। उस वक्त भी प्रशासन और एनएचएआई के अफसरों ने मिलकर यहां मुआवजा घोटाला किया था। बताते हैं कि इसमें कई लोगों की कृषि जमीन को व्यावसायिक दिखाकर मनमाने तरीके से मुआवजे की रकम बांटी गई थी। बाद में इसकी शिकायत जब शासन में पहुंची तो इसकी जांच बैठा दी गई। इसमें कई प्रशासनिक उच्चाधिकारी भी फंसे हैं। पिछले वर्ष यहां तैनात रहे कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन ने इसकी जांच रिपोर्ट भी शासन को भेज दी थी। इसमें अभी कार्रवाई होनी बाकी है।
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नवाबगंज और अमरिया में बनेगा बाईपास
यह हाईवे काफी चौड़ा होना है। अभी यह सड़क नवाबगंज के आबादी वाले हिस्से से होकर गुजरी है लेकिन फोरलेन के लिए यहां जगह काफी कम है। इसके लिए यहां बाईपास बनाने की तैयारी चल रही है। इस बाईपास की लंबाई करीब नौ से दस किलोमीटर बताई जा रही है। इसके लिए जमीन का सर्वे जल्द होना है। इसके अलावा पीलीभीत जिले के अमरिया में भी बाईपास बनाया जाना है।
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