बरेली। ‘तुम्हें नौकरी अपनी मेहनत से नहीं, मृतक आश्रित कोटे में मिली है। इसीलिए न अपनी मर्यादा समझ रहे हो न जिम्मेदारी। शराब के नशे में पत्नी और मासूम बच्चों से मारपीट करने में बिलकुल शर्म नहीं महसूस होती। अगर बहुत बड़े शराबी हो तो जेब से निकालो 500 रुपये और मंगवाओ वही बोतल जो तुम पीते हो। खुद भी पियो और पत्नी-बच्चों को भी पिलाओ। तुम्हारे बच्चे शराब पिएंगे और पत्नी पिएगी तो तुम्हें कैसा लगेगा।’
सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला बृहस्पतिवार को एक शराबी शिक्षक को कुछ इसी तरह बरसे। दरअसल फरीदपुर के गांव बुधौली की एक महिला की शिकायत ती कि उनका शिक्षक पति अक्सर शराब के नशे में उससे और बच्चों से मारपीट करता है। बुधवार शाम को भी शराब के नशे में धुत शिक्षक ने पत्नी-बच्चों से मारपीट की थी। महिला ने इसके बाद लखनऊ में अपने पिता को फोन किया और महिला हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई। महिला के पिता ने सिटी मजिस्ट्रेट को भी फोन कर अपनी बेटी को जान का खतरा बताया। इसके बाद महिला हेल्पलाइन की टीम शिक्षक के घर पहुंची। उसे सख्ती से समझाया और बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का फरमान सुनाकर लौट आई।
बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे सिटी मजिस्ट्रेट के दफ्तर में पत्नी दोनों बच्चों को लेकर आ गई। शिक्षक की मां भी पहुंची और शिक्षक भी। सिटी मजिस्ट्रेट ने शिक्षक की क्लास लेनी शुरू की तो वह चुपचाप सुनते रहे और माफी मांगते रहे। सिटी मजिस्ट्रेट ने शिक्षक की मां और पत्नी दोनों को अपना मोबाइल नंबर देकर कहा कि अगर अब यह मारपीट या नशा करे तो फौरन उन्हें सूचना दें। इसकी नौकरी तो जाएगी ही जेल की हवा भी खानी पड़ेगी। अकल ठिकाने आ जाएगी। हालांकि मां ने दोनों को बाहर करने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट से गुहार की कि बेटे की नौकरी न छीनें, उस पर सख्ती चाहे जितनी करें। सिटी मजिस्ट्रेट ने शिक्षक को दो दिन में सुधरने की चेतावनी देकर छोड़ दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि शिक्षक को पिता की मृत्यु के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी मिली थी। नौकरी लगने के बाद शादी हुई। दो साल पहले वह शराब का आदी हो गया। उसकी पत्नी ने शिकायत की थी कि वह रोज पीकर घर आता है। आपत्ति करने पर पत्नी ही नहीं मां तक पर हाथ उठा देता है।