बरेली। श्यामगंज पुल बनवाने के क्रेडिट को लेकर आईएमए अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र द्वारा दो महीने पहले की गई बयानबाजी को लेकर पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर ने उन्हें नोटिस भेजा है। डॉक्टर तोमर ने डॉ. सत्येंद्र सिंह से पूछा है कि उन्होंने एहसान फरामोश क्यों कहा? विकास कार्यों में उनका क्या योगदान है? 15 दिन में नोटिस का जवाब दें या फिर मानहानि का मुकदमा झेलने को तैयार रहें। वहीं, चर्चा है कि इस नोटिस के पीछे आईएमए की राजनीति है।
श्यामगंज पुल को लेकर डॉ. सत्येंद्र सिंह पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर पर हमलावर रहे हैं। करीब दो महीने पहले डॉ. सत्येंद्र सिंह ने कहा कि श्यामगंज पुल निर्माण में उनका काफी योगदान रहा है। वह डॉ. तोमर को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास लेकर गए और पुल मंजूर कराकर लाए। मगर पुल के शिलान्यास में उन्हें नहीं बुलाया। डॉ. तोमर का कहना है कि डॉ. सत्येंद्र ने उन्हें एहसान फरामोश कहा। मगर यह बयानबाजी करीब दो महीने पुरानी है और नोटिस बृहस्पतिवार को दिया गया। चर्चा है कि नोटिस आईएमए में मचे घमासान को लेकर दिया गया है। दरअसल, हाल ही में हुए आईएमए के चुनाव में डॉ. तोमर ने डॉ. राजेश अग्रवाल का चुनाव लड़ाया और डॉ. सत्येंद्र ने डॉ. राजीव अग्रवाल का। हालांकि इस चुनाव में डॉ. राजेश ही जीते लेकिन निर्विरोध चुनाव न होने के चलते मन में गांठ बन गई।
आमंत्रण के तीन घंटे बाद मिला नोटिस
डॉ. सत्येंद्र ने बृहस्पतिवार को ही दोपहर एक बजे आईएमए के एक कार्यक्रम के संबंध में व्हाट्सएप पर डॉ. तोमर को निमंत्रण भेजा था। इसके बाद शाम चार बजे व्हाट्सएप पर ही उन्हें डॉ. तोमर का नोटिस मिला। मगर इसके बावजूद उन्होंने डॉ. तोमर को निमंत्रण बरकरार रहने का दोबारा मेसेज भेजा।
श्यामगंज पुल पर मूर्ति क्यों नहीं लगवाई
आईएमए अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व मेयर डॉ. आईएएस तोमर ने उनसे दो साल पहले खुद कहा था कि श्यामगंज फ्लाईओवर बनवाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है क्योंकि वह डॉ. तोमर को खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलवाने इटावा लेकर गए थे। वहीं श्यामगंज में पुल बनवाने पर बात हुई थी। उस समय डॉ. तोमर ने कहा था कि फ्लाईओवर निर्माण पूरा होने के बाद वह उनकी (डॉ. सत्येंद्र सिंह की) मूर्ति लगवाएंगे क्योंकि फ्लाईओवर निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। अब डॉ. तोमर बताएं कि उन्होंने मेरी मूर्ति अब तक क्यों नहीं लगवाई।
आपत्तिजनक बयान पर भेजा है क्रिमिनल नोटिस : डॉ. तोमर
डॉ. सत्येंद्र को क्रिमिनल नोटिस भेजा है, 15 दिन में उन्हें जवाब देना है। उन्होंने बयान दिया था कि डॉ. तोमर अहसान फरामोश हैं। सारे विकास कार्य मैंने कराए हैं। क्रिमिनल केस में साल भर तक नोटिस भेजा जा सकता है। पहले मैं शांत रहा लेकिन अब नोटिस भेजा है। अब वह बताएं कि उन्होंने क्या-क्या विकास कार्य कराए। कोर्ट में जवाब देंगे तो सब समझ आ जाएगा।
एहसान फरामोश नहीं, एहसान मानते नहीं कहा था: डॉ. सत्येंद्र
मैंने डॉ. तोमर को एहसान फरामोश नहीं कहा था। श्यामगंज पुल बनवाने के लिए मैं उन्हें अखिलेश यादव के पास लेकर गया था और पुल मंजूर कराया। इसके सबूत भी मेरे पास हैं, मगर उन्होंने मुझे कोई क्रेडिट नहीं दिया। पुल उद्घाटन में मेरा नाम तक नहीं लिया। बयान देने के दो महीने बाद नोटिस भेजने का कारण मुझे समझ नहीं आ रहा है, इसके पीछे कोई अन्य कारण है।