अब रेल कर्मियों के बेटों को भी 33 साल तक रेलवे पास की सुविधा मिलेगी, अभी तक यह आयु सीमा 21 वर्ष तक थी। जबकि बेटियों को शादी न होने या माता-पिता पर निर्भर होने तक यह सुविधा है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने सभी जोन के डीआरएम को निर्देश भेजे हैं।
रेलवे ने 22 साल बाद इस नियम में बदलाव किया है, जिससे कर्मियों के बेटे फूले नहीं समा रहे हैं। दरअसल बेटों को नौकरी के इंटरव्यू या लिखित परीक्षा का समय आता था तब तक वह रेलवे पास के दायरे से बाहर हो जाते थे। हर बार परीक्षा देने के लिए शहर से बाहर जाने के लिए खर्चा देना रेलकर्मी को भी अखरता था। रेलवे बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक, नए नियमों में रेलवे पास नियम 1986 और 1993 के बदलाव का उल्लेख किया है। जिसमें रेलकर्मी नौकरी में हो या सेवानिवृत्त, आश्रित बेटों को सुविधा 33 साल की आयु तक मिलती रहेगी। रेलवे बोर्ड ने इस पर तत्काल प्रभाव से अमल करने का आदेश सभी मंडलों के डीआरएम को दिया है। पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के महामंत्री जेएस भदौरिया ने कहा कि संगठन लंबे समय से यह सुविधा दिलाने के लिए प्रयासरत था।