हाईकोर्ट का स्टे होने पर भी गिरफ्तार कर लिया
प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अस्वीकार कर दी न्यायिक अभिरक्षा
बरेली। दुराचार एवं छेड़छाड़ के मामले में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे होने के बावजूद विवेचक ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसे जब प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आसिफा राना के समक्ष पेश किया गया तो उन्होंने न्यायिक अभिरक्षा अस्वीकार कर अभियुक्त को रिहा करने का आदेश दे दिया।
थाना बारादरी में जगतपुर इलाके की एक महिला ने 16 अक्तूबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि विकास कुमार ने घर में घुसकर उसके साथ दुराचार किया। विकास ने इस मामले में हाईकोर्ट से चार मई 2018 को अपनी गिरफ्तारी के विरुद्ध स्टे ले लिया। इसके बावजूद विवेचक ओमवीर सिंह ने उसे गिरफ्तार कर लिया और प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आसिफा राना के समक्ष पेश किया। इस पर विकास के वकील विवेक सहगल ने आपत्ति करते हुए कहा कि विवेचनाधिकारी को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति दी गई लेकिन फिर भी उन्होंने गिरफ्तारी कर ली। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी होने के बावजूद अभियुक्त विकास कुमार को न्यायिक अभिरक्षा में लेना हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध है, इसलिए न्यायिक अभिरक्षा स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है।