बीकॉम फाइनल के रिजल्ट में बाधा बना बरेली कॉलेज
- विवि को रोकना पड़ा बीकॉम फाइनल का रिजल्ट, अब आज जारी होगा
-बरेली कॉलेज ने बीकॉम फाइनल के फिजिकल एजूकेशन के अंक नहीं भेजे
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक आनलाइन भेजने की व्यवस्था शुरू करने के बाद भी कई कॉलेज अपनी मनमानी से बाज नहीं आए। ताजा मामला बीकॉम फाइनल के रिजल्ट में ही देखने को मिला। बरेली कॉलेल ने बीकॉम फाइनल के फिजिकल एजूकेशन के अंक विश्वविद्यालय को समय से नहीं भेजे जिसके कारण विश्वविद्यालय को रिजल्ट रोकना पड़ा। नोटिस जारी होने के बाद अब कॉलेज ने अंक भेजे हैं। अब बीकॉम फाइनल का रिजल्ट गुरुवार को जारी किया जाएगा।
मूल्यांकन समय से पूरा होने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक न मिलने के कारण रिजल्ट घोषित नहीं कर पाता। प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक उसी दिन मिल सकें इसलिए पहली बार ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई। यानी जिस दिन प्रैक्टिकल होगा परीक्षक उसी दिन नंबर भेज देगा। कॉलेजों ने इसमें भी लापरवाही की। कुछ ने तो प्रैक्टिकल ही नहीं कराए और अंक हार्ड कॉपी में दर्ज कर विश्वविद्यालय को भेज दिए। विश्वविद्यालय की तैयारी थी कि बीकॉम फाइनल का रिजल्ट इस बार तीस अप्रैल तक जारी कर दिया जाएगा। इसमें रोड़ा बना बरेली कॉलेज। कॉलेज ने बीकॉम फाइनल के फिजिकल एजूकेशन के अंक ही विश्वविद्यालय को नहीं भेजे। कॉलेज को पत्र भी भेजा गया। कॉलेज की तरफ से हार्ड कॉपी में अंक भेज दिए गए। बरेली कॉलेज के चक्कर में विश्वविद्यालय तैयारी अनुसार रिजल्ट जारी नहीं कर सका। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट कह दिया कि साफ्ट कॉपी में ही अंक भेजे जाएं। उसके बाद कॉलेज ने साफ्ट कॉपी में अंक भेजे। अब उसके रिकार्ड में दर्ज कराया जा रहा है। गुरुवार को रिजल्ट घोषित हो सकता है।
वर्जन
बरेली कॉलेज ने हार्ड कॉपी में अंक भेजे थे। इस बार सिर्फ साफ्ट कॉपी में ही प्रैक्टिकल के अंक मांगे गए थे। अब कॉलेज ने सही फार्मेट में अंक भेजे हैं। कोशिश है कि गुरुवार को बीकॉम फाइनल का रिजल्ट घोषित कर दें। - महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक
प्रैक्टिकल कराने पर उठ रहे सवाल
कॉलेज की लापरवाही पर अब प्रैक्टिकल कराने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। अगर कॉलेज ने समय से प्रैक्टिकल कराए तो अंकों को साफ्ट कॉपी में क्यों नहीं भेजा। हार्ड कॉपी में अंक क्यों भेजे गए। कॉलेज के सूत्रों की माने तो बीकॉम फाइनल के फिजिकल एजूकेशन के प्रैक्टिकल कराने में खानापूर्ति की जाती है। स्पोर्ट्स ऑफिसर न होने के कारण यह सब हो रहा है।