बरेली। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने ओवरलोडिंग खत्म करने के लिए सर्वे कराया, लेकिन अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर नहीं लगाए। नतीजा दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को गर्मी बढ़ते ही बिजली संकट से जूझना पड़ेगा। ओवरलोडिंग खत्म करने के लिए 1158 ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव मांगा गया था, लेकिन सिर्फ 41 की ही क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है।
विद्युत वितरण खंड बरेली प्रथम, द्वितीय, आंवला व बहेड़ी में पांच लाख उपभोक्ता हैं। इसमें तीन लाख उपभोक्ता ओवरलोडिंग से प्रभावित होते हैं। गर्मी से पहले लोड मैनेजमेंट स्कीम लागू की गई। ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार करने के लिए अभियंताओं ने एक महीने तक सर्वे किया। ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की सूची तैयार की। ट्रांसफार्मर बदलने का प्रस्ताव मुख्यालय के लिए भेजा गया था, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। इसलिए दो लाख से अधिक उपभोक्ता मई जून की गर्मी में कटौती और फाल्ट का सामना करने के लिए मजबूर हैं।
जहां बिजली की बिलिंग ठीक हो रही है और लाइन लाॅस बहुत कम हैं, वहां पर प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफार्मर बदलेंगे। जो रह जाएंगे उनके ट्रांसफार्मर दूसरी योजनाओं में बदले जाएंगे। जहां चोरी अधिक है, वहां विभाग एफआईआर दर्ज कराएगा। - अशोक कुमार, अधीक्षण अभियंता
फीडरों पर चोरी रोकने के लिए होगी चेकिंग
अभियंताओं के मुताबिक ओवरलोडिंग की मुख्य वजह बिजली चोरी है। चोरी रोकने के लिए फीडर चिह्नित किए गए हैं। इन फीडरों पर विजिलेंस की चेकिंग होगी। मुख्य अभियंता राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि ट्रांसफार्मर वहीं ओवरलोड हो रहे हैं जहां पर चोरी अधिक है। ऐसे फीडरों पर विजिलेंस की टीम चेकिंग करेगी। विद्युत अभियंता भी चेकिंग करेंगे।
इन इलाकों के उपभोक्ता होंगे प्रभावित
नकटिया, इज्जतनगर, राधामाधव, फतेहगंज वेस्ट, फरीदपुर, भुता, आंवला, बहेड़ी, नवाबगंज, मीरगंज के उपभोक्ताओं को शेड्यूल के मुताबिक बिजली मिलना मुश्किल रहेगा। यह स्थिति तब है जब अभियंता लगातार सिस्टम को ठीक करने का दावा कर रहे हैं।
किस क्षेत्र में कितने ट्रांसफार्मर हैं ओवरलोड
विद्युत वितरण खंड प्रथम में 385
विद्युत वितरण खंड द्वितीय में 312
विद्युत वितरण खंड बहेड़ी 184
विद्युत वितरण खंड आंवला 177