बरेली। करीब 26 महीने का मानदेय न मिलने से परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया तो रोजगार सेवक फंदे पर लटक गया। इत्तफाक से परिवार के लोगों की नजर पड़ी तो उन्होंने फौरन उसे फंदे से उतारकर अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घरवालों के मुताबिक दो दिन पहले ही मानदेय के लिए ब्लॉक के बड़े बाबू से उसकी नोकझोंक भी हुई थी, इसके बाद वह और अवसाद में आ गया था। हालांकि परिवार की ओर से पुलिस को सूचना नहीं दी गई है।
कैंट के हड़ौलिया भोलापुर गांव के मुन्नालाल (32) गांव में ही रोजगार सेवक हैं। उन्हें सोमवार रात गंभीर हालत में पीलीभीत बाईपास पर एक निजी अस्पताल में लाया गया। डॉक्टरों ने बमुश्किल मुन्नालाल की जान बचाई। पिता राजपाल के मुताबिक मुन्नालाल को 26 महीने से मानदेय नहीं मिला है। दिवाली पर पांच महीने का मानदेय आखिरी बार मिला था। होली ऐसे ही निकल गई। दो दिन पहले वह मानदेय की बात करने क्यारा ब्लॉक गया था। वहां बड़े बाबू से उसकी कहासुनी हो गई। इसके बाद वह और टेंशन में आ गया।
सोमवार रात मुन्नालाल की पत्नी भाग्यलक्ष्मी दोनों बच्चों को छत पर सुलाकर नीचे आई तो देखा कि मुन्नालाल उसी की साड़ी से पंखे पर लटका है। शोर मचाने पर परिवार के लोग उसे उतारकर अस्पताल लाए। राजपाल ने बताया कि पुलिस को सूचना अभी नहीं दी है। इंस्पेक्टर कैंट अशोक पाल ने भी ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया। कहा कि तहरीर मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले का संज्ञान लेते हुए सीडीओ से जानकारी ली गई है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इस घटना के संबंधित तथ्यों की रिपोर्ट बनाकर भेजे। - वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी