बरेली। क्यारा ब्लॉक के इटौआ जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों की लापरवाही से स्कूल में बंद रह गए 12 वर्षीय बच्चे पर छह घंटे काफी खौफनाक गुजरे। डरे-सहमे बच्चे ने तो पहले तो चीख-चिल्लाकर कोशिश की कि कोई बाहर मौजूद हो तो उसे मदद मिल जाए, लेकिन आसपास सन्नाटे भरा माहौल होने के कारण इसमें सफल नहीं हुआ तो खुद ही दरवाजा खोलकर बाहर निकलने के लिए जद्दोजहद करता रहा। अंधेरा घिर आने के बाद भी इसमें कामयाबी नहीं मिली तो डर के मारे बेहोश हो गया। रात नौ बजे परेशानहाल घरवाले उसे ढूंढते-ढूंढते स्कूल पहुंचे तो तब उसे इस कैद से मुक्ति मिल पाई।
इटौआ सुखदेवपुर की जाटव बस्ती में रहने वाले सिक्योरिटी गार्ड महेश चंद्र का 12 वर्षीय बेटा देव उर्फ सचिन गांव के ही जूनियर हाईस्कूल में सातवीं में पढ़ता है। मां अनीता के मुताबिक बृहस्पतिवार दोपहर होमवर्क पूरा न होने की वजह से देव की स्कूल में पिटाई हुई। इंटरवल में वह घर आया तो स्कूल में पिटाई की बात बताई। डरा हुआ देव दोबारा स्कूल गया तो वहां कक्षा में ही सो गया। तीन बजे छुट्टी हुई तो स्टाफ ताला लगाकर चला गया। क्लासरूम में सो रहे देव पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। चार बजे तक वह घर नहीं पहुंचा तो घरवालों ने उसे ढूंढना शुरू किया। रात नौ बजे देव का बड़ा भाई दीवार कूदकर स्कूल में गया और खिड़कियों से कमरों में झांका तो देव को एक कमरे में अचेत पड़ा देखा। इसके बाद शिक्षकों को बुलाकर उसे बाहर निकाला गया।
देव ने अपने परिवार वालों को बताया कि उसने स्कूल से बाहर निकलने को काफी कोशिश की। काफी चीखने-चिल्लाने के बाद किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी। अंधेरा हुआ तो उसे बहुत डर लगने लगा और वह कब बेहोश हो गया, उसे नहीं पता। घरवालों ने बताया कि स्कूल के आसपास आबादी नहीं है। गिरने से देव के सिर में गुम चोट भी लगी है।
अधिकारियों ने शुरू कराई जांच
अपनी लापरवाही सामने आने के बाद जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों ने देव के घरवालों की खुशामद कर उन्हें इस बात के लिए मना लिया कि वे इस मामले में कोई शिकायत न करें। लेकिन शुक्रवार सुबह इस घटना की चर्चा फैली तो मामला विभागीय अधिकारियों तक भी पहुंच गया। इसके बाद अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है। घटना के लिए जिम्मेदार स्टाफ पर कार्रवाई की भी बात कही है।
प्रधानाध्यापक असमा से घटना की जानकारी ली गई थी। उन्होंने बताया है कि शाम साढ़े पांच बजे बच्चे को बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन बच्चे का कक्षा में बंद होना ही गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जा रही है, कार्रवाई जरूर होगी। - राजीव श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी क्यारा
गांव वालों से जानकारी मिली है कि जूनियर हाईस्कूल में एक बच्चा बंद हो गया था। प्रधानाध्यापक मैडम को मैंने फोन भी लगाया था, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। - वेदराम, ग्राम प्रधान इटौआ सुखदेवपुर