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साहब ट्रांसफर के इंतजार में, विकास कार्यों पर ब्रेक

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बरेली। लोकसभा चुनाव से पहले शासन की आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों की बड़े पैमाने पर ट्रांसफर पोस्टिंग से प्रशासन में उथल-पुथल मच गई। प्रशासनिक स्तर पर जिन अफसरों को अपने पद पर कार्य करते हुए डेढ़ से दो साल हो चुके थे, वह लिस्ट में अपना नाम आने का इंतजार करने लगे। इसके चलते अधिकांश विभागों में विकास कार्य ठप हो गए। तीन दिन चली ट्रांसफर पोस्टिंग प्रक्रिया के बाद भी अधिकांश विभागों के अफसर सहमे हुए हैं कि कहीं अगली लिस्ट में उनका नंबर न आ जाए।
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प्रशासन : यहां एडीएम सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट का ट्रांसफर हो चुका है। मगर, जब इनका नाम ट्रांसफर सूची में आ गया तो दो से तीन पीसीएस अफसर भी अपनी बारी आने का इंतजार करने लगे। इसके चलते प्रशासनिक स्तर पर चल रही जांचें भी पेंडिंग में पड़ गईं। नए एडीएम सिटी ने ज्वाइन कर लिया। मगर, उससे पहले शहर में अतिक्रमण हटाने समेत कई काम नहीं हो पाए। सिटी मजिस्ट्रेट का प्रमोशन हो चुका है। उनको हालांकि बहुत कम समय हुआ है। उससे भी धान की चोरी और राशन घोटाले जैसी जांचों पर असर पड़ा।
विकास भवन : मुख्य विकास अधिकारी सत्येंद्र कुमार प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की डाटा फीडिंग में दिन रात काम पर जोर दे रहे हैं। अचानक ट्रांसफर पोस्टिंग की लिस्ट जारी होने से समाज कल्याण, दिव्यांग कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, आरईएस, डीआरडीए समेत विभिन्न ब्लाकों में कई बीडीओ के ट्रांसफर की रोजाना चर्चा होने लगी। इससे पीएम आवास, मनरेगा, एनआरएलएम और जिला योजना के काम शिथिल पड़ गए।
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उद्यान विभाग : उद्यान विभाग के कई अफसरों पर शासन स्तर से कार्रवाई हुई। बरेली में भी इस विभाग में कई स्तरों पर ट्रांसफर होने की चर्चा रही। एक अफसर ने भले ही कुछ खुलकर नहीं कहा, लेकिन लंबी छुट्टी ले ली। दो बडे़े अफसरों पर कार्रवाई की तलवार अब भी लटकी है। किसी अन्य जनपद में उन पर लगे घपलों के आरोपों की जांच के चलते आए दिन चर्चा रही। किसानों की सब्सिडी समय से खातों में नहीं पहुंची।
उद्योग केंद्र : यहां भी कई बड़े अफसरों के ट्रांसफर की चर्चा रही। शासन से लिस्ट जारी होते ही अफसर अपना नाम सूची में ढूंढने लगते थे। मुख्यमंत्री स्वरोजगार, प्रधानमंत्री ग्राम रोजगार समेत तमाम योजनाओं पर असर पड़ा। अभी भी निजी उद्यम लगाने वाले आवेदकों को बैंकों से बड़ी संख्या में लोन के आवेदन लंबित हैं। हालांकि ऑनलाइन आवेदन होने के बाद बैंकों ने अधिकांश आवेदकों को लोन देने से हाथ खींच लिए हैं।
अन्य विभाग : मंडी समिति, खादी ग्रामोद्योग, भूमि संरक्षण, कृषि, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, बीडीए में अफसरों के ट्रांसफर होने से किसानों की सब्सिडी, प्रधानमंत्री आवास, रामगंगा नगर प्रोजेक्ट में मकानों के निर्माण, भूमि सुधार, गड्ढामुक्त सड़कों के अभियान धीमे पड़ गए। इन विभागों में बड़ी संख्या में अफसर अभी भी आशंकित हैं। इसके चलते कामों की गति ठहर सी गई है।
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