बरेली। कुतुबखाना फ्लाईओवर का प्रस्ताव तो ठंडे बस्ते में चला गया, अब मेयर उमेश गौतम के निर्देश पर सिविल लाइंस में अंडरपास के निर्माण की संभावनाएं तलाश की जाने लगी हैं। है। मेयर ने स्मार्ट सिटी की कंसलटेंट कंपनी श्रेयी को इसका प्रोजेक्ट बनाने और फिजिबिलिटी चेक करने को कहा है। यह अंडरपास अयूब खां चौराहा से नावल्टी चौराहे के बीच बनाने की योजना है।
अयूब खां से नावल्टी चौराहे के बीच सिविल लाइंस का इलाका अति व्यस्त है। बाजार के साथ रोडवेज बस स्टैंड, धर्मस्थल और स्कूल आदि होने से यहां अक्सर जाम लगा रहता है। पार्किंग न होने के कारण वाहन भी सड़क किनारे खड़े रहते हैं। इसी समस्या को देखते हुए मेयर उमेश गौतम ने यहां अंडरपास बनाने की योजना बनाई है। इसे अमलीजामा पहनाने के लिए उन्होंने स्मार्ट सिटी की कंसलटेंट एजेंसी श्रेयी को फिजिबिलिटी चेक करके प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। अयूब खां से नावल्टी चौराहे के बीच बनने वाला यह अंडरपास टू लेन या फोरलेन हो सकता है।
ऊपर होगी पार्किंग और वॉक वे
मेयर ने बताया कि अंडरपास बनने के बाद मुख्य सड़क पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इसके बाद इस सड़क को व्यवस्थित करने के लिए पार्किंग और पैदल यात्रियों के लिए वॉक वे बनाया जाएगा ताकि लोग सिविल लाइंस में जाम में फंसे बिना खरीदारी कर सकेंगे।
कुतुबखाना पुल: न फिजिबिलिटी रिपोर्ट, न शासन से मंजूरी
पिछले दिनों मेयर उमेश गौतम ने कुतुबखाना पर फ्लाईओवर बनवाने की बात कही। सेतु निगम की फिजिबिलिटी रिपोर्ट में इसे हरी झंडी भी दे दी गई। इसके बाद उन्होंने स्मार्ट सिटी कंपनी श्रेयी से भी फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी लेकिन यह अब तक नहीं मिली है। वहीं, उन्होंने यह प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के समक्ष रखा तो उन्होंने भी मौखिक सहमति दे दी। इसके बाद स्वीकृति के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिली है।
कुतुबखाना फ्लाईओवर की स्वीकृति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। स्मार्ट सिटी की पीएमसी से भी फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही सिविल लाइंस में अंडरपास बनाने के लिए पीएमसी को संभावनाएं तलाशने और प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। - उमेश गौतम, मेयर