बरेली। हंसिये से ताबड़ तोड़ वार करके जान लेने की कोशिश करने के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अजय सिंह ने की अदालत ने दस साल कैद की सजा सुनाई।
17 अप्रैल 17 को बहेड़ी के गांव रंपुरा के रहने वाले छत्रपाल ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसका बेटा रनवीर अपने खेत पर फसल देखने गया था। सरकारी गूल से सटा अभियुक्त परमजीत का खेत है।
गूल से निकलने को लेकर परमजीत का रनवीर से विवाद हुआ था। परमजीत ने अपने हंसिए से रनवीर को लहूलुहान कर दिया था। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील केएम खान ने कुल छह गवाह पेश किए। अदालत ने अभियुक्त परमजीत को दोषी ठहराते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई और छब्बीस हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने जुर्माने की आधी राशि पीड़ित को देने का आदेश भी किया।