बरेली। सपा-बसपा गठबंधन के बाद नेताजी का भाजपा से लोकसभा चुनाव जीतने का विश्वास नहीं रहा। भविष्य की चिंता में नेताजी ने पीलीभीत के पूर्व विधायक के जरिए बसपा हाईकमान से संपर्क साधा है। मगर अभी लोकसभा टिकट की डील फाइनल नहीं हो पाई है। वहीं, भाजपा ने भी नेताजी का विकल्प तलाश कर लिया है।
भाजपा के एक नेता जिले की अपनी पुरानी पार्टी बसपा में घर वापसी कर जिले की एक लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक बताए जाते हैं। चर्चा है कि नेताजी को सपा-बसपा गठबंधन के बाद अपनी जीत पर संशय है। जब तक दोनों दलों में गठबंधन नहीं हुआ था, वह मोदी जी के भरोसे फिर से दिल्ली पहुंचने का इरादा बनाए बैठे थे। मगर, गठबंधन के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों में नेताजी ने गुपचुप तरीके से एक पूर्व विधायक एवं कुछ विश्वसनीय बसपा नेताओं के जरिए पार्टी मुखिया से टिकट की बात चलाई है। सूत्र की मानें तो लोकसभा टिकट का मामला फिलहाल 3 और 5 के बीच में फंस रहा है। फिलहाल बातचीत अभी चल ही रही है। बताया जाता है कि इसकी भनक भाजपा को भी लग गई है। इसलिए पार्टी हाईकमान ने उनकी लोकसभा सीट पर नए प्रत्याशी तलाशना भी शुरू कर दिया है। ऐन वक्त पर नेताजी के पार्टी से किनारा करने की स्थिति में बदायूं के एक भाजपा विधायक अपनी पुत्रवधू को टिकट दिलाने के लिए सक्रिय हैं। विधायक के बेटे की बहू एक टीवी चैनल के एंकर की रिश्तेदार है। टीवी एंकर के जरिये भी भाजपा में संपर्क साधा जा रहा है।