बरेली। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में सरकार से सब्सिडी का लाभ पाने के लिए किसानों का पंजीकरण लगातार बढ़ रहा है। मंडल में अब तक लगभग पांच हजार से अधिक किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। खेत में स्प्रिंकलर या डिप सिस्टम लगाने पर सरकार बड़े किसानों को 80 और छोटे किसानों को 90 फीसदी तक सब्सिडी दे रही है।
इजरायल की तर्ज पर फसलों में जरूरत भर पानी के इस्तेमाल के लिए तीन साल पहले एक जुलाई, 2015 को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना प्रारंभ की गई थी। इस योजना में ऑनलाइन पंजीकृत किसानों को स्प्रिंकलर और डिप सिस्टम अपने खर्च पर खेत में लगाने पर सरकार 80 से 90 प्रतिशत की सब्सिडी देती है। स्प्रिंकलर या डिप सिस्टम का खर्च प्रति हेक्टेयर 60 हजार से लेकर एक लाख या इससे अधिक आता है। लघु किसानों को 90 और मध्यम या संपन्न किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है। अब तक बरेली मंडल के चाराें जिलों बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं में प्रचार-प्रसार न होने की वजह से किसान इस योजना में ऑनलाइन पंजीकरण कराने में पीछे रह गए। वर्ष 2018-19 में मंडल में पांच हजार से ज्यादा किसानों ने पंजीकरण कराए हैं। इनमें से 2053 किसानों को स्प्रिंकलर और डिप उपकरण लगवाने के लिए सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए मार्च 2019 से पहले किसानों को अपना नाम, खसरा खतौनी, फोटो और अन्य विवरण समेत ऑनलाइन पंजीकरण कराकर खेत में स्प्रिंकलर या डिप सिस्टम अपने खर्च पर लगवाना होगा। इसके बाद सब्सिडी सीधे उनके खाते में भेज दी जाएगी।
स्प्रिंकलर और डिप का जिलेवार लक्ष्य
जनपद का नाम लाभार्थी लक्ष्य
बरेली 676
बदायूं 603
शाहजहांपुर 487
पीलीभीत 287
फसलों की सिंचाई करने पर खेत में अनावश्यक पानी बर्बाद होता है। लागत भी अधिक आती है। स्प्रिंकलर और डिप सिंचाई से किसान कम लागत में बेहतर फसल पैदा करेंगे। पानी भी बचेगा। इससे किसानों को आमदनी दो गुनी करने में मदद मिलेगी। - मनोहर सिंह, उप निदेशक हार्डीकल्चर