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सेना के शूटर की आंखें कमजोर हैं या तेज, हाईकोर्ट लेगी फैसला

Wed, 18 Jul 2018 01:02 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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पिछले दिनोें बरेली पुलिस लाइन में संपन्न हुई पुलिस भर्ती की मेडिकल परीक्षा में फेल किए गए सेना के शूटर ने इंसाफ के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। फाइल किए गए केस में आर्मी के रिटायर्ड शूटर इसरार ने प्रदेश सरकार की पुलिस भर्ती प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाया है। साथ ही, चार अन्य लोगोें में मेडिकल परीक्षा समेत रिमेडिकल के दौरान मौजूद डॉक्टरों को भी प्रतिवादी बनाया है। जिसकी जानकारी मामले से जुड़े लोगों को होने पर वह अब अपनी दलीलें तैयार करने में जुटे हैं।
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जाट रेजीमेंट सेंटर के ‘बेस्ट फायरर’ और ‘एक्जम्पलरी’ समेत गोल्ड मेडल से नवाजे गए रिटायर्ड नायक इसरार ने बताया कि सोमवार को मामले की हाईकोर्ट में पहली सुनवाई हुई। संभावना जताई कि फैसला उनके पक्ष में ही आएगा, क्योंकि नियमानुसार आर्मी एक्स सर्विसमैन की आंखों पर यदि चश्मा भी लगा हो तो भी उसकी काबिलियत पर सवालिया निशान नहीं लगाया जा सकता है। संबंधित मामले में वह मंगलवार को एडी हेल्थ दफ्तर पहुंचे तो वहां एक और कारनामे का पता चला। उसके आवेदन में एक्स सर्विसमैन लिखे होने के बावजूद मेडिकल भर्ती के दौरान इस संबंधी शासनादेश ही नहीं पहुंचा था। जिसने पुलिस महकमे की लापरवाही और मेडिकल भर्ती बोर्ड में मौजूद डॉक्टरों की आंखों पर ही सवालिया निशान लगा दिया।

यह था मामला
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में इसरार ने आवेदन किया था। फिजिकल, लिखित परीक्षा पास करने के बाद 14 जून 2018 को पुलिस लाइन में मेडिकल परीक्षण हुआ था। आरोप हैं कि मौजूद डॉ. वर्षा ने आंख चेक की और कमजोर बताकर फेल कर दिया। फिर 15 जून को रिमेडिकल मंडलीय परीक्षण में मौजूद डॉ. एके गौतम ने बगैर आंख चेक किए ही पूर्व की रिपोर्ट ओके कर दी। आरोप लगाया कि मेडिकल बोर्ड में काफी गड़बड़ियां हैं जिसकी वजह से उसे फेल किया गया।
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