राजधानी, शताब्दी के कोचों का नहीं बदलेगा रंग
बरेली। ट्रेनों का रंग बदलने की कवायद के बीच रेलवे ने राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और कामख्या एक्सप्रेस के कोचों का रंग न बदलने का फैसला किया है। इन वीआईपी ट्रेनों पर रेलवे बोर्ड की विशेष नजर रहती है। बाकी ट्रेनों के कोचों का रंग भी भगवा नहीं डार्क येलो और ब्राउन होगा।
रेलवे ने सभी ट्रेनों के कोचों का रंग बदलने का निर्देश रेलवे वर्कशाप को दिया है। इज्जतनगर वर्कशाप में हर महीने करीब 50 कोच की मरम्मत होती है। वर्कशाप में 30 हजार कोचों का रंग बदला जाना है। सिर्फ रंग ही नहीं बल्कि कोच में आरामदायक सीटें और वैक्यूम बाथरूम भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा कोच में यात्रियों की सुविधा के लिए हर बर्थ पर मोबाइल चार्जर देने की तैयारी है। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सभी सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों के कोचों का रंग बदला जाएगा, लेकिन दुरंतो, राजधानी, शताब्दी और कामख्या एक्सप्रेस के कोच पहले जैसे ही रहेंगे। दो दशकों के बाद ट्रेनों के कोच का रंग बदला जा रहा है। पहले गाढ़े नीले रंग के कोच थे। सबसे पहले दिल्ली पठानकोट एक्सप्रेस का रंग 30 जून तक बदला जाएगा। हालांकि यह काम इज्जतनगर वर्कशाप में न होकर कपूरथला की कोच फैक्ट्री में हो रहा है। जंक्शन से करीब 150 ट्रेनें रोजाना गुजरतीं हैं जिनके कोच डार्क येलो और ब्राउन कलर के हो जाएंगे।