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पेंशन के लिए झुलसा देने वाली गर्मी में दौड़ लगा रहे 25 हजार दिव्यांग

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पेंशन के लिए धूप में झुलस रहे दिव्यांग
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- खाते में धनराशि न पहुंचने पर विकास भवन के काट रहे चक्कर
- पांच सौ रुपये की मदद के लिए रजिस्टर्ड हैं 25 हजार दिव्यंाग
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। जिले के करीब 25 हजार दिव्यांग इन दिनों झुलसा देने वाली धूप में भी विकास भवन के चक्कर काट रहे हैं। इनमें 90 फीसदी से ज्यादा ऐसे दिव्यांग हैं, जिन्हें यहां तक आने के लिए किसी दूसरे का सहारा लेना पड़ता है। इस साल इन दिव्यांगों को पेंशन ही नहीं मिली है। विकास भवन के अधिकारी शासन से ही पैसा न मिलने की बात कहकर उन्हें लौटा देते हैं।
विकास भवन में 25 हजार दिव्यांग रजिस्टर्ड हैं। उन्हें मदद के तौर पर पांच सौ रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। इस साल दिव्यांगों के लिए पेंशन ही जारी नहीं हुई है, जबकि अप्रैल से जून माह की तिमाही पेंशन का पैसा अब तक दिव्यांगों के खातों में पहुंच जाना चाहिए था। पेंशन न मिलने से दिव्यांगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। भुता ब्लॉक के एक गांव से तपती दोपहरी में लाठी के सहारे पहुंचे एक दिव्यांग ने बताया कि वह कई बार बैंक जा चुके हैं लेकिन खाते में पेंशन ही नहीं आई है। बैंक वाले कह देते हैं कि विकास भवन जाओ। यहां आने पर बाबू यह कह कर लौटा देते हैं कि खातों में पैसा शासन से ही जाएगा। अभी इंतजार करो। दिव्यांगों का कहना है कि कड़ी धूप में बार-बार आने से तबीयत खराब हो रही है।
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लंबे वक्त से विभाग में नहीं है अधिकारी
विकास भवन में बने दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के दफ्तर में लंबे वक्त से अधिकारी की तैनाती नहीं हुई है। स्थानीय अधिकारी न होने से जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रेखा गुप्ता के पास जिला दिव्यंागजन सशक्तीकरण अधिकारी का चार्ज था। अब इनका भी तबादला हो गया है। विभागीय अधिकारी न होने से दिव्यांगों की पेंशन स्वीकृत करने सहित उन्हें सहायता उपकरण दिलाने का काम प्रभावित हो रहा है।
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