मानव तस्करी कर मुस्लिम समुदाय के बच्चों को दिल्ली ले जाने की सूचना पर जीआरपी-आरपीएफ ने शनिवार को मालदा टाउन एक्सप्रेस का जनरल कोच खाली करा लिया। हालांकि जांच में सब कुछ ठीक मिलने पर सभी 113 छात्रों को दूसरी ट्रेन से रवाना कर दिया गया। जांच में पता चला कि सभी छात्र मुरादाबाद और गाजियाबाद के अलग-अलग मदरसों के हैं, जो छुट्टियों के बाद लौट रहे थे।
शनिवार दोपहर आरपीएफ कमांडेंट को सूचना मिली कि मालदा टाउन से आनंद विहार जाने वाली 13429 वीकली एक्सप्रेस के एक कोच में दो सौ से ज्यादा मुस्लिम बच्चों को ले जाया जा रहा है। इतनी संख्या में बच्चे और किशोरों को किसलिए ले जाया जा रहा है, इसका जवाब सूचना देने वाले के पास नहीं था। कमांडेंट के इनपुट पर आरपीएफ इंस्पेक्टर बलवीर सिंह तोमर ने जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार से बात कर फोर्स को अलर्ट किया।
दोपहर सवा दो बजे करीब ट्रेन प्लेटफार्म पर आते ही सर्च शुरू कर दी गई। एक पूरा कोच मुस्लिम समुदाय के बच्चों से भरा मिला। इसमें दस साल के बच्चों से लेकर 17 साल तक के किशोर थे। इन्हें कोच से उतारकर ट्रेन रवाना की गई। बड़ी संख्या में बच्चे और किशोर प्लेटफॉर्म नंबर एक पर उतरे तो गहमागहमी हो गई।
जीआरपी के मुताबिक, पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे मुरादाबाद, गाजियाबाद, बुलंदशहर आदि जिलों के अलग-अलग मदरसों में पढ़ाई करते हैं। ईद की छुट्टी पर घर गए थे। अब मदरसा लौट रहे हैं। घरों से निकले थे। हमउम्र छात्र साथ मिलते गए तो साथ में ही बैठते रहे। संयुक्त टीम ने इनके नाम पतों की तस्दीक कराई। बच्चों के परिवारवालों का नंबर लेकर उनसे भी बात की गई। छात्रों के बयानों की वीडियो रिकार्डिंग की गई। संतुष्ट होने के बाद इन्हें दिल्ली-बरेली पैसेंजर और सियालदाह एक्सप्रेस से दिल्ली दिशा में भेज दिया गया।
‘मानव तस्करी के संदेह में छात्रों को कोच से उतारकर जांच की गई। फिलहाल सबकुछ ठीक मिला। बच्चों को दूसरी ट्रेनों से आगे भेज दिया है - सुभाष चंद्र दुबे, एसपी जीआरपी मुरादाबाद परिक्षेत्र।