रेलवे के अधिकारी जता रहे कल से निरस्त ट्रेनों के चलने की संभावना
बरेली। 15 दिसंबर से निरस्त चल रहीं आधा दर्जन ट्रेनों के संचालन को लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं है। यात्री बुधवार को राज्यरानी और बरेली वाराणसी एक्सप्रेस के समय पर जंक्शन पहुंचे तो इंक्वायरी पर ट्रेन आने की कोई जानकारी पूछताछ काउंटर पर उपलब्ध नहीं थी, लिहाजा लोगों ने 30 रुपये कटाकर अपने टिकट लौटा दिए। वहीं रेलवे के उच्चपदस्थ पदाधिकारियों ने तीन मई से निरस्त ट्रेनों के चलने की संभावना जताई है।
यहां बता दें कि रेलवे ने 15 दिसंबर 2018 से 15 फरवरी 2019 तक एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनों को निरस्त किया था। इनमें कुछ ट्रेनों को कुंभ मेला के चलते फरवरी में चालू कर दिया गया। बाकी ट्रेनों का निरस्तीकरण मेंटिनेंस के नाम पर 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया। इस दौरान मेगा ब्लॉक लेकर ट्रैक मेंटिनेंस, स्लीपर बदलने आदि के काम हुए। हालांकि इनमें ज्यादातर ट्रेनों को 24 अप्रैल के बाद बहाल कर दिया गया।
मेरठ-लखनऊ राज्यरानी एक्सप्रेस, मालदा टाउन-नई दिल्ली एक्सप्रेस, सियालदह-आनंद विहार एक्सप्रेस, हरिहर नाथ एक्सप्रेस आदि ट्रेनों का संचालन एक मई से शुरू करने के आदेश रेलवे बोर्ड ने दिए थे। बुधवार को लखनऊ-सहारनपुर पैसेंजर का निरस्तीकरण 10 मई तक बढ़ाने का आदेश आ गया। राज्यरानी एक्सप्रेस का संचालन एक मई से शुरू होने की उम्मीद थी, हालांकि रैक के अभाव में वह नहीं चल सकी। मुरादाबाद डिवीजन के डीआरएम तरुण प्रकाश ने बताया कि तीन मई से निरस्त ट्रेनें सुचारु रूप से चलने की संभावना जताई जा रही है।
आज भी निरस्त रहेगी राज्यरानी एक्सप्रेस
बरेली। रैक की अनुपलब्धता के कारण मेरठ सिटी से दो मई को लखनऊ जाने वाली 22454 मेरठ सिटी-लखनऊ जंक्शन राज्यरानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।