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इंटर्नल नंबर देने में गुरुजी चहेतों पर मेहरबान क्यों

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बरेली। प्रोफेशनल कोर्स के रिजल्ट जारी होने के बाद इंटर्नल नंबरों में पक्षपात करने का मामला फिर तूल पकड़ गया है। कुछ छात्रों की शिकायत है कि शिक्षकों ने पक्षपात करते हुए उनको कम और अपने चहेतों को ज्यादा नंबर दिए हैं। बरेली कॉलेज के ही कुछ छात्रों ने इस तरह की शिकायत की है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक के पास भी कुछ शिकायतें पहुंची हैं। छात्रों का आरोप है कि इंटर्नल नंबर देने में शिक्षकों ने ईमानदारी नहीं दिखाई, इसकी जांच होनी चाहिए।
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विश्वविद्यालय ने प्रोफेशनल कोर्स के रिजल्ट गुरुवार को घोषित किए। रिजल्ट से पहले भी कुछ शिकायतें परीक्षा नियंत्रक के पास पहुंची थीं। रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों ने इस तरह की शिकायतें कीं। बरेली कॉलेज के अलावा मुरादाबाद के भी कुछ कॉलेजों की शिकायतें विश्वविद्यालय पहुंची हैं। पिछले साल विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग छात्राओं की शिकायत पर इंटर्नल में पक्षपात का मामला काफी तूल पकड़ा था। जांच में मामला सही पाया गया, जिसके बाद इंटर्नल नंबर देने में शिक्षक और हेड समेत तीन शिक्षकों के संयुक्त हस्ताक्षर से नंबर देने की व्यवस्था लागू की गई थी। अब प्रोफेशनल कोर्स में इस तरह के मामले सामने आए हैं।

विश्वविद्यालय कैंपस में भी गड़बड़ी सामने आ चुकी है
इंटर्नल नंबर देने में सिर्फ कॉलेजों में ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालय कैंपस में भी गड़बड़ी सामने आ चुकी है। पिछले साल इंजीनियरिंग की छात्राओं ने कुछ शिक्षकों पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि जो छात्र शिक्षकों के व्यक्तिगत कार्य करते हैं, उनको अच्छे नंबर दिए गए। कुलपति के पास शिकायत पहुंचने के बाद एक समिति बनाकर जांच कराई गई, जिसमें छात्राओं की शिकायत सही पाई गई। उसके बाद कैंपस के सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि इंटर्नल नंबर सिर्फ विषय का शिक्षक नहीं देगा। उस पर शिक्षक और हेड समेत तीन शिक्षकों के हस्ताक्षर होंगे। उसके बाद स्थिति कुछ दुरुस्त हुई।
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कुछ शिकायतें आई हैं। इंटर्नल नंबर देने में पारदर्शिता रखी जाए, इसको लेकर कॉलेजों को निर्देश जारी करेंगे। जो शिकायतें आई हैं उनकी जांच कराई जाएगी। शिक्षकों को भी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
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- संजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक
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