लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने केंद्र सरकार को अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए संसद में अध्यादेश लाने का स्पष्ट संदेश दे दिया है। विश्व हिंदू परिषद की 25 नवंबर को देश भर में होने वाली शंखनाद रैलियों के जरिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। इसके लिए संघ पदाधिकारियों की भाजपा सांसदों और विधायकों के साथ समन्वय बैठकों का दौर जारी है। बैठकों की कमान संघ के क्षेत्र प्रचारकों ने खुद संभाल रखी है।
केंद्र सरकार अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर नरम रुख अपना रही है। मगर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अब इस मसले पर पीछे हटने को तैयार नहीं है। नागपुर मुख्यालय से संघ के प्रचारकों को स्पष्ट संदेश है कि वह देश भर में 25 नवंबर को विश्व हिंदू परिषद की श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए माहौल बनाने को होने वाली ‘शंखनाद रैलियों’ में भीड़ जुटाकर अपनी ताकत का अहसास कराएं। इसमें भाजपा के मंत्री, सांसद और विधायकों समेत 35 से ज्यादा अनुषंगिक संगठनों को जुटने के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बरेली और मेरठ समेत प्रदेश के सभी मंडलों में संघ पदाधिकारी रैली सफल बनाने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। मेरठ समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक आलोक ने भाजपा सांसदों के साथ समन्वय की कमान खुद संभाल रखी है। आगरा में संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. हरीश और बरेली में सह प्रांत प्रचारक मुनीश भी अपने-अपने क्षेत्रों में संघ की गोपनीय रणनीति को अंजाम दे रहे हैं, मगर कोई भी संघ पदाधिकारी इस संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।