बरेली। निगम अफसरों की अनदेखी से प्रकाश पर्व पर भी शहर में हर ओर कूड़ा बिखरा है। नगर निगम का दफ्तर बंद है तो सफाई कर्मी भी छुट्टी पर हैं। इसके चलते मोहल्ले हाें या शहर की सड़कें हर ओर कूड़ा ही कूड़ा नजर आ रहा है। सड़कों पर लगे कूढ़े के ढेरों को व्यापारी जलाकर नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं, इससे प्रदूषण बढ़ रहा है।
दिवाली के दिन लोगों ने अपने घरों में खूब सफाई की और कूड़े के ढेर गलियों में लगा दिए। वहीं दुकानदारों ने सड़क किनारे कारोबार किया और कचरा सड़क किनारे छोड़ दिया। इसके चलते शहर में दिवाली की शाम को ही जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आने लगे थे। बाकी कसर रात में चले पटाखों ने पूरी कर दी, उनका कूड़ा भी सड़क पर आ गया। बृहस्पतिवार को अवकाश होने के चलते सफाई कर्मी भी छुट्टी पर रहे। परिणामस्वरूप बृहस्पतिवार को शहर भर में जगह-जगह कूड़ों के ढेर नजर आ रहे थे।
पॉश इलाकों में बिखरी रही गंदगी
नगर निगम के सामने ही स्थित डलावघर का कूड़ा सड़क तक बिखरा पड़ा था। किसी ने उसमें आग भी लगा दी। ऐसी ही स्थिति नावल्टी चौराहे के पास सड़क किनारे पड़े कूड़े के ढेर की थी। सफाईकर्मी नहीं आया तो पास के ही एक व्यापारी ने उसमें आग लगा दी। इसके अलावा श्यामगंज पुल के नीचे भी जगह-जगह कूड़ा बिखरा पड़ा था।
11 नवंबर को होगा स्वच्छता अभियान का आगाज
स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 को लेकर 11 नवंबर को स्वच्छता अभियान शुरू हो रहा है। इस दौरान नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना कोहाड़ापीर से रैली की शुरुआत करेंगे जो गांधी उद्यान पर आकर खत्म होगी। इसके बाद स्वच्छ वार्ड प्रतिस्पर्धा शुरू की जाएगी।
निजी कर्मचारी भी रहे नदारद
नगर निगम ने शहर की दर्जन भर से ज्यादा सड़कें एनजीओ को ठेके पर दे दी हैं। इसमें सेटेलाइट से श्यामगंज, विकास भवन रोड, अयूब खां से चौकी चौराहा, स्टेशन रोड, सिविल लाइंस, डीडीपुरम आदि की सड़कें हैं। मगर दिवाली की छुट्टी पर सफाई का ठेका लेने वाले एनजीओ के कर्मचारी भी गायब हैं।
स्वास्थ्य विभाग को पूरे त्योहार सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 11 नवंबर को नगर विकास मंत्री स्वच्छता अभियान का आगाज करेंगे। इसके बाद वार्ड प्रतिस्पर्धा भी कराई जाएगी। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त