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बुखार से दो छात्राओं समेत चार और लोगों की मौत

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 जानलेवा बुखार से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार को दो छात्राओं समेत चार और लोगों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही मौतों का आंकड़ा 106 पर पहुंच गया है, हालांकि प्रशासन ने बुखार से 19 मौतें होने की बात स्वीकार की है। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने शनिवार को भी कई गावों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। सीएचसी और पीएचसी पर भी मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
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फरीदपुर के गांव गौसगंज में रहने वाले अफसर की बेटी नाजिया (14) की निजी अस्पताल में बुखार से मौत हो गई। फरीदपुर में अब तक 12 मौतें हो चुकी हैं। रिठौरा में दरबारी लाल शर्मा इंटर कॉलेज की कक्षा छह की छात्रा सरला (11) पुत्री राजेंद्र यादव को शुक्रवार को अचानक तेज बुखार आया था। परिवार में मां चंद्रावती दो दिन पहले से बुखार से पीड़ित हैं। शनिवार को सरला की मौत होने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मीरगंज के गांव गहवरा में पांच दिन से बुखार से पीड़ित 12 वर्षीय हिमांशु पुत्र पुरुषोत्तम गंगवार की शनिवार को मौत हो गई। हिमांशु पुरुषोत्तम का इकलौता बेटा था। बिशारतगंज के मझगवां ब्लॉक के प्रहलादपुर गांव में बिटना देवी (45) की मौत हो गई। वहीं जिला अस्पताल में नया फीवर वार्ड को लेकर फिर विवाद गहराया था। शुक्रवार रात को वार्ड के दरवाजे पर ताला लगने के बाद मामला एडी हेल्थ तक पहुंचा। वार्ड को रात में ही खुलवाया गया।

बुखार के अब तक 1051 मरीज सामने आए
जिला अस्पताल में नये फीवर वार्ड के 40 बेड सहित अन्य वार्डों में 139 मरीजों को भर्ती किया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह सभी मरीज सीएचसी और पीएचसी से रेफर होकर आए हैं। इतना ही नहीं, बदायूं और पीलीभीत से भी मरीज रेफर होकर आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे में 442 मरीजों की ब्लड स्लाइड बनाई है। बुखार के अब तक 1051 मरीज सामने आ चुके हैं। इनका इलाज कराया जा रहा है।
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डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को रोस्टर जारी किया
जानलेवा बुखार के बेकाबू होनेे के बाद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने जिला अस्पताल के निरीक्षण का रोस्टर जारी कर दिया है। अब महीने के पहले सप्ताह में डीएम खुद निरीक्षण करेंगे। दूसरे सप्ताह में नगर मजिस्ट्रेट, तीसरे सप्ताह में मुख्य विकास अधिकारी और चतुर्थ सप्ताह में अपर जिलाधिकारी (नगर) निरीक्षण को जाएंगे। वहीं एसडीएम अपने क्षेत्र की सीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण करेंगे। सभी खंड विकास अधिकारी अपने विकास खंड में सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे।
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