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प्राइवेट अस्पताल में प्रसूता की मौत का मामला

बयान देने पहुंचे घरवालों को नहीं मिली जांच कमेटी

सीएमओ ऑफिस में एक घंटे तक भटकते रहे, डीएम से शिकायत
कहा- ऐसी जांच कमेटी से उन्हें न्याय की कोई उम्मीद नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के मामले की जांच के लिए गठित कमेटी के सामने बुधवार को बयान दर्ज कराने पहुंचे मृतका के घरवाले सीएमओ ऑफिस में भटकते रहे, लेकिन उन्हें जांच कमेटी का कोई सदस्य नहीं मिला। इससे नाराज घरवालों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच कराने की गुहार की है। उनका कहना है कि ऐसी जांच कमेटी से उन्हें न्याय की कोई उम्मीद नहीं है।
बुधवार को एक बजे मृतका पिंकी सिंह के पति विक्रम, देवर जीतू, ससुर रामकिशोर आदि जांच कमेटी के समक्ष अपना बयान रिकार्ड कराने के लिए सीएमओ ऑफिस पहुंचे लेकिन वहां उस वक्त चार डॉक्टरों की इस कमेटी का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। घरवाले करीब एक घंटे तक वहां भटकते रहे। बाद में पता चला कि जांच कमेटी की सदस्य डॉ. दीपा सिंह बीमार हैं और डॉ. एसएस चौहान लखनऊ गए हैं। एक घंटे बाद दो सदस्य डॉ. वागीश वैश्य और डॉ. नीलम आर्या पहुंचीं लेकिन तब तक पिंकी के घरवाले जा चुके थे। उनके जाने के बाद आरोपी निजी अस्पताल की तीन डॉक्टर सीएमओ ऑफिस पहुंचीं और जांच कमेटी के दोनों सदस्यों के सामने अपने बयान दर्ज कराए।
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इस बाबत मृतका के देवर जीतू कुमार ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें कहा गया है कि उन्हें जांच कमेटी ने बयान दर्ज कराने के लिए 12:30 बजे सीएमओ ऑफिस आने का समय दिया था। वे लोग नियत समय से पांच मिनट पहले वहां पहुंच गए और डेढ़ बजे तक रहे लेकिन जांच कमेटी का कोई सदस्य बयान दर्ज करने के लिए नहीं पहुंचा। ऐसी जांच कमेटी से उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है। मालूम हो कि 19 फरवरी को एक निजी अस्पताल में कटरा चांद खां के विक्रम सिंह की पत्नी पिंकी सिंह की प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। घरवालों का आरोप था कि नर्स के गलत इंजेक्शन लगाने से पिंकी की मौत हुई।

वर्जन-

पिंकी की मौत के मामले की जांच जल्द पूरी होगी। घरवालों को जांच कमेटी के सामने बयान दर्ज कराने के लिए अगली तिथि की सूचना दे दी जाएगी।
- डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ
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