फतेहगंज पश्चिमी (बरेली)।
गुरुवार को ब्लाक परिसर में विशाल खरीफ कृषि विकास मेला लगाया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती करने और रासायनिक उर्वरकों के बजाय कंपोस्ट, जैविक खाद, उन्नत बीजों के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया। पशुपालन और कृषि विकास को एक दूसरे पर आश्रित बताते हुए देशी गाय समेत उन्नत नस्ल के दुधारू, खेती में उपयोगी पशुओं के ज्यादा से ज्यादा पालन पर भी जोर दिया गया।
मुख्य अतिथि विधायक डा. डीसी वर्मा ने किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती करने और उन्नत नस्ल के गौवंशीय, महिषवंशीय पशु पालने के लिए प्रेरित भी किया। कहा कि जिले की सभी नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों में बिजली सुधार कार्य इन दिनों तेजी पर है। सड़कें भी तीव्र गति से बनवाई जा रही हैं। अगले कुछ महीनों में गांवों में बिजली सुधार, सड़कों के जीर्णोद्धार कार्य कराए जाएंगे। भिटौरा-शाही-शीशगढ़ रोड का निर्माण शीघ्र शुरू होने का भरोसा दिलाया। कृषि वैज्ञानिक डा.डीएस अधिकारी, डा. अजय सिंह चौधरी, ईएनआर गुप्ता ने उर्वरकों के संतुलित प्रयोग पर जोर दिया। कहा कि पशुपालन के बिना कृषि विकास संभव ही नहीं है। खेतों में सड़े गले पदार्थ मनचाहे ढंग से फेंकने के बजाय कंपोस्ट खाद बनाकर इस्तेमाल करने की सलाह भी दी। पशु चिकित्साधिकारी डा. राकेश गंगवार ने पशु टीकाकरण के बारे में बताया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में महिला समेत 20 प्रगतिशील किसानों को धान-उड़द बीज की मुफ्त मिनी किटें प्रदान कर सम्मानित किया गया। ब्लाक प्रमुख के पति सत्येंद्र सिंह यादव, बीडीओ पीएल गंगवार समेत 250 से ज्यादा किसानों ने कृषि मेले में भाग लिया।