सरकारी सेवा में अधिकारियाें और कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका ही उनकी जमा पूंजी होती है। इसमें उनके पूरे कार्यकाल का लेखा जोखा है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी महानगर कार्यालय में सेवा पुस्तिका के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। 11 शिक्षकाें की सेवा पुस्तिका यहां से गायब हो गई है। ढूंढने के बाद भी पुस्तिकाएं नहीं मिल रही है। खंड शिक्षा अधिकारी महानगर नरेंद्र सिंह पवार ने कड़ा पत्र लिखते हुए एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा है।
नगर निगम स्थित बीईओ महानगर कार्यालय की स्थिति काफी बिगड़ी हुई है। गंदगी की वजह से यहां बैठ नहीं सकते। सीलन भी खूब है। रिकार्ड सुरक्षित रखने को अलमारी भी टूटी हुई है। इन्हें दराजाें में रखा जाता है। अब सेवा पुस्तिका न खोएं तो और क्या हो। नरेंद्र सिंह पवार का कहना है कि अगर सेवा पुस्तिका कार्यालय में नहीं है तो कहां हैं। चूहे कुतर गए या जमीन निगल गई। किसी भी हालत में दो दिन के अंदर पटल सहायक सेवा पुस्तिका ढूंढकर उपलब्ध कराएं। जिन शिक्षकाें की सेवा पुस्तिका खोई है उसमें प्राथमिक विद्यालय परतापुर चौधरी के सहायक अध्यापक अंशुमान, सिठौरा के सहायक अध्यापक अर्चना शर्मा, स्वालेनगर फरहाना बी, कन्या गढैया के महताब अहमद, जसौली द्वितीय के मो. फईम, स्वाले नगर की रेहाना खातून, सैदपुर हाकनस की सारिका, बिहारकला की सीमा रानी, मथुरापुर की सुनीता शर्मा, मो. एजाजनगर के अनुज कुमार और पीर बहोड़ा के सहायक अध्यापक अर्चना चौधरी शामिल हैं।
सेवा पुस्तिकाओं का न मिलना पटल सहायकाें की लापरवाही का ही नतीजा है। कहा गया है कि इसे व्यक्तिगत रूप से ढूंढे न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराएं, नहीं तो जिम्मेदारी इन्हीं पटल सहायकों की होगी।
नरेंद्र सिंह पवार, बीईओ महानगर