पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार को बड़ी राहत मिली है। जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने पूर्व मंत्री समेत 11 लोगों को बरी कर दिया है। साथ ही झूठी रिपोर्ट लिखाने के आरोप में वादी के खिलाफ मुकदमा कायम करने का आदेश भी दिया।
बरेली में सात साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने पूर्व मंत्री सपा नेता भगवत सरन गंगवार समेत सभी 11 लोगों को बरी कर दिया। कोर्ट ने झूठी रिपोर्ट लिखाने के आरोप में वादी के खिलाफ मुकदमा कायम करने का आदेश भी दिया। मामला विशेष न्यायाधीश एम पी एमएलए कोर्ट का है।
यह था मामला
वर्ष 2017 में नवाबगंज विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे केसर सिंह गंगवार व समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे भगवत सरन गंगवार के बीच विवाद हो गया था। इस मामले में वादी तेजराम ने थाना नवाबगंज में रिपोर्ट लिखाई कि 14 फरवरी 2017 को सुबह 8: 45 मिनट पर नवाबगंज से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अपने 50-60 गाड़ियों के काफिले के साथ बरेली की ओर आ रहे थे।
सभी लोगों ने गाड़ियां रोककर वादी को गालियां दी। साथ में चल रहे शेर सिंह, ओमेंद्र, योगेंद्र, अनिल गंगवार, अंशु के साथ विनोद दिवाकर व पुरूषोत्तम गंगवार आदि ने अवैध हथियारों व लाठी डंडों से जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। इससे प्रार्थी के सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में काफी चोटें आईं। शोर सुनकर गांव वाले आ गए, जिन्होंने बचाया।
वादी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता भूपेंद्र भडाना ने पक्ष रखा। कोर्ट ने अभियुक्त भगवत सरन गंगवार, योगेंद्र, तरूण कुमार उर्फ अंशु, ओमेंद्र उर्फ ओमेंद्र कुमार, विनोद दिवाकर, पुरूषोत्तम गंगवार, शेर सिंह, सुधीर कुमार मिश्रा, वीरपाल सिंह गंगवार व अनिल गंगवार व गोपाल गुप्ता को उक्त आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने झूठी रिपोर्ट लिखाने के आरोप में वादी तेजराम के खिलाफ मुकदमा कायम करने का आदेश दिया।