बरेली। जिले की और तमाम सड़कों के साथ पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर और ठेकेदार सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के गांव से निकलने वाले सड़क बनाने में भी ‘अधर्म’ करने से बाज नहीं आए। करोड़ों के घोटाले की शिकायतें मिलने के बाद शासन ने जांच का आदेश दिया तो उसे भी दबाकर बैठ गए। अब मामला खुला चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी शनिवार को छुट्टी वाले दिन ही मातहत इंजीनियरों को अपने दफ्तर में तलब कर लिया। इसके साथ सिंचाई मंत्री के गांव की सड़क समेत निर्माणाधीन तमाम सड़कों के सैंपल इकट्ठे कराकर उन्हें जांच के लिए लैब भिजवा दिया। चीफ इंजीनियर ने मातहतों को चेतावनी दी कि अगर सड़क निर्माण में कोई गड़बड़ी निकली तो उनके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिकारियों ने रम्पुरा से अलीगंज तक करीब 14 किलोमीटर लंबी सड़क का ठेका 14 करोड़ रुपये में दिया है। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के गांव गुलड़िया से होकर निकली यह सड़क करीब छह माह पहले पास हुई थी लेकिन केवल चार करोड़ रुपये ही मिलने से इस रोड को बनाने का काम ठप हो गया। इसके साथ शासन में यह शिकायत पहुंची थी कि इस रोड को बनाने में उत्तराखंड के बजाय ग्वालियर सहित दूसरी जगहों की सस्ती और घटिया बजरी का इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा फरीदपुर-बीसलपुर सहित तमाम दूसरी सड़कों के निर्माण में भी इसी तरह की घपलेबाजी हो रही है। सीएम योगी के आदेश के बावजूद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने जांच के आदेश की चिट्ठी को ही दबा दिया। इससे इन सड़कों की जांच नहीं हो सकी। यह मामला सामने आने के बाद चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी के आदेश पर रम्पुरा-अलीगंज के साथ ही तमाम दूसरी सड़कों के निर्माण में प्रयुक्त हो रही बजरी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए गए। साथ ही चीफ इंजीनियर ने विभागीय अधिकारियों को अपने ऑफिस में तलब कर लिया। उन्होंने कहा कि टीमें बनाकर सड़कों की जांच होगी। सड़कों की घटिया क्वालिटी मिलने पर इंजीनियर और ठेकेदार दोनों ही नपेंगे।
15 जून से पहले काम पूरा करने की कड़ी हिदायत
बहेड़ी-भिटौरा रोड को मंजूर हुए करीब तीन साल बीत गए हैं। 80 करोड़ के मंजूर हुए इस प्रोजेक्ट के लिए दस करोड़ का पेमेंट बाकी रहने से रोड का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। बहेड़ी-शीशगढ़ रोड भी करीब तीन साल पहले मंजूर हुआ था, इस पर करीब 38 करोड़ खर्च होना था। इसका भी छह करोड़ आना शेष है। करीब 22 करोड़ की पास हुई फरीदपुर से बीसलपुर सड़क के काम पर भी ब्रेक लग गया है। इसके लिए एक करोड़ रुपये ही मिला है। बरेली-बीसलपुर रोड के बरेली जिले में पड़ने वाले हिस्से के लिए 3.30 करोड़ रुपये से रिन्यूवल का काम होना है। इस काम के लिए केवल 70 लाख ही मिले हैं। सेमीखेड़ा बसधरन मार्ग को बनाने के लिए 12 करोड़ की जरूरत है। इसके लिए भी सिर्फ 7.50 करोड़ जारी हुए हैं। 22 करोड़ के मंडनपुर-बहेड़ी रोड का काम भी बीच में अटक गया है। चीफ इंजीनियर ने निर्देश किया कि ये काम बारिश से पहले 15 जून तक हर हाल में पूरे हो जाएं। शासन से जल्द बजट दिलाया जाएगा।
सड़कों को बनाने में प्रयुक्त हो रही बजरी का सैंपल लेकर उनकी जांच करवाई जा रही है। क्वालिटी में अगर कोई गड़बड़ी मिली तो ठेकेदार और संबंधित जेई-एई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई होगी। -राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी