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कमिश्नर ने पीडब्ल्यूडी को घेरा, सड़क सुरक्षा में फिसड्डी अफसरों से खर्च का हिसाब

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बरेली। तीन रोज पहले ही पीलीभीत रोड पर अंधे डिवाइडर से टकराकर कार पलटी और इस हादसे में नवाबगंज के एक युवा व्यापारी की जान चली गई। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इस हादसे का संज्ञान लिया तो पता चला कि सड़क सुरक्षा के कामों के लिए पीडब्ल्यूडी को फरवरी में ही शासन ने पांच करोड़ रुपये की रकम दी थी, लेकिन अफसरों ने फिर भी सड़क सुरक्षा का कोई काम नहीं कराया। नतीजा यह है कि न सिर्फ शहर की तमाम सड़कें और चौराहों की रोटरी बल्कि डिवाइडर भी जानलेवा हो चुके हैं। कमिश्नर ने इसे गंभीरता से लेते हुए पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर से रिकार्ड मांगा है कि सड़क सुरक्षा के कहां कितने काम कराए गए हैं और उन पर कितनी रकम खर्च हुई है।
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शासन ने मंडल के चारों जिलों के पीडब्ल्यूडी के सभी डिवीजन को 40 से 50 लाख रुपये सड़क सुरक्षा के कार्य कराने के लिए दिए थे। इन सभी डिवीजन को रेडियम सिग्नल, सड़कों पर सफेद पट्टी, ब्रेकर, साइनेज, रेडियम सिग्नल, कैटआई सहित रोड सेफ्टी के लिए दूसरे काम कराने थे। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को इसके लिए ई-टेंडरिंग भी करानी थी। खास बात यह है कि सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शासन ने पहली बार यह बजट सीधे लोक निर्माण विभाग को दिया। जबकि पूर्व में संभागीय परिवहन विभाग को इसका बजट दिया जाता था। बजट मिलने के काफी समय गुजरने के बावजूद अभी रोड सेफ्टी के काम नहीं दिखाई दे रहे। इस पर कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी से यह जवाब मांगा था कि पीडब्ल्यूडी बताए कि अब तक सड़क सुरक्षा के कितने काम हुए हैं और इस पर कितनी रकम खर्च की जा चुकी है। मुख्य अभियंता ने बताया है कि अब तक केवल पीलीभीत जिले में ही रोड सुरक्षा के काम हो सके हैं। बरेली सहित दूसरी जगहों पर टेंडर प्रक्रिया पूरी न हो पाने से ये काम शुरू कराने में देरी हुई है। पीडब्ल्यूडी के अफसरों का दावा है कि पीलीभीत में रोड सेफ्टी के सभी काम पूरे हैं। जबकि बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं में अभी 20 से 30 फीसदी ही कार्य हुआ है।

बीसलपुर रोड पर रोड सेफ्टी कामों में घपला
बरेली-बीसलपुर रोड निर्माण में घोटाला सामने आ चुका है। पीडब्ल्यूडी ने इस रोड पर रोड सेफ्टी के काम कराने के लिए एक कंपनी को ठेका दिया है। हाल में चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी ने इन कामों को चेक किया तो उनकी क्वालिटी काफी घटिया थी। इस पर उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दे दिए थे। हालांकि कांट्रेक्टर ने माफी मांगते हुए काम में सुधार करने को कहा। इधर, सेटेलाइट से रजऊ परसपुर तक भी पीडब्ल्यूडी को रोड पर सफेद पट्टी, संकेतक सहित दूसरे काम कराने हैं। यह काम भी संतोषजनक न होने पर उन्होंने सहायक अभियंता नावेद को बुलाकर फटकार लगाई।
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कहीं रोटरी टूटी कहीं डिवाइडर पर पेंट नहीं
शहर में भी कई जगहों पर चौराहों की रोटरी और डिवाइडर टूटे होने से हादसे हो रहे हैं। चौपुला चौराहे के चारों तरफ रेडियम खंभे टूटे हैं। चौपुला पुल का स्लोप खत्म होने के थोड़ा आगे सिटी स्टेशन के पहले सड़क के बीच रोटरी पर तो रेडियम लाइट है और न ही सफेद पट्टी बनाई गई है। सीबीगंज की तरफ किला पुल के नीचे उतरते ही सड़क के बीचोंबीच बनी रोटरी के रेडियम खंभे टूटे हैं। यही हाल शहर के दूसरे चौराहों का है। इससे हादसे हो रहे हैं।
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सड़क सुरक्षा के काम कराए जा रहे हैं। बरेली में अभी काफी काम बकाया है। इसकी समीक्षा की जा रही है। कमिश्नर को इसकी पूरी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
-राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी
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