बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की ओर से चल रहे अकादमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन मंगलवार को जोरदार हंगामे से हुआ। सर्टिफिकेट न मिलने से नाराज शिक्षकों ने मंच पर पहुंचकर हंगामा किया। आयोजकों ने बड़ी मुश्किल से उनको शांत कराया। कहा कि अगर एमएचआरडी से सर्टिफिकेट नहीं मिलेंगे तो उनको विश्वविद्यालय की तरफ से दिए जाएंगे। करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा चलता रहा।
विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट विभाग में चार दिवसीय अकादमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा था जिसका समापन मंगलवार को हुआ। दरअसल, यह कार्यक्रम विभागाध्यक्ष और डीन के लिए था। विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष और डीन कार्यक्रम में तवज्जो न मिलने से खफा थे। इसलिए अधिकतर इसमें पहुंचे ही नहीं। इसमें कोऑर्डिनेटरों को भी शामिल कर लिया। शिक्षक पूरे करने के लिए मूल्यांकन में आए शिक्षकों को बैठा लिया गया। समापन पर सर्टिफिकेट दिए जाने थे। एमएचआरडी से आई सूची के अनुसार ही सर्टिफिकेट बांटे जाने थे इसलिए बाकी शिक्षकों को सर्टिफिकेट नहीं दिए गए। इसकी को लेकर बाकी शिक्षकों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। कई शिक्षक मंच पर पहुंच गए। आयोजकों से तीखी नोकझोंक होने लगी। बड़ी मुश्किल से शिक्षकों को शांत कराया गया। वहीं शिक्षकों ने हंगामे के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। कार्यक्रम की अव्यवस्थाओं की पोल खुली। लिखा कि खाना ठीक नहीं मिला, प्रतिभाग का सर्टिफिकेट भी नहीं दिया। शिक्षक नाराज होकर गए।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सिर्फ विभागाध्यक्षों को ही सर्टिफिकेट देने का कहा था, लेकिन यहां प्रशासनिक तौर पर रखे कोऑर्डिनेटर भी हेड मान लिया गया। उनको सर्टिफिकेट नहीं मिले। इसी बात पर उनको विरोध था। उनको समझा दिया गया है। उनको भी सर्टिफिकेट भी दिलाए जाएंगे।
- प्रोफेसर तूलिका सक्सेना, कार्यक्रम संयोजक
उच्च शिक्षा में सुधारना होगा शोध का स्तर
बरेली। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से विश्वविद्यालय में आयोजित अकादमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में वक्ताओं ने उच्च शिक्षा में शोध का स्तर सुधारने पर जोर दिया। प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल ने कहा कि नेताओं से उम्मीद मत रखना। प्रोफेसरों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। आईटीआई रुड़की, पंतनगर विश्वविद्यालय और एएमयू का उदाहरण देकर कहा कि वहां प्रोफेसरों का पूरा सहयोग मिलता है इसलिए शोध का स्तर अच्छा है। समाजसेवी एके अग्रवाल ने आत्मचिंतन पर जोर दिया। एएमयू से आए प्रोफेसर सैयद जुल्फिकार अली ने बताया कि एमएचआरडी ने 2015 में यह प्रोग्राम तैयार किया था। कार्यक्रम के दौरान संयोजक प्रोफेसर तूलिका सक्सेना, डॉ. अशोक कुमार, डॉॅ. पवन कुमार, डॉ. राम बाबू, डॉ. आलोक खरे आदि लोग मौजूद रहे।