बरेली। पिछले दिनों कैंट बोर्ड की बैठक में पास हुए ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए मुख्यालय से भी मंजूरी मिल गई है। मंजूरी मिलने के साथ ही कैंट बोर्ड ने न्यू एंड रिन्युवेबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (नेडा) को कार्यालय समेत सीएफ बिल्डिंगों को पावर प्लांट से लैस करने की कार्रवाई शुरू करने को कहा है। बता दें कि कैंट बोर्ड में पिछले वर्ष स्ट्रीट और हाईमास्ट को एलईडी में परिवर्तित किया गया है। वहीं अब प्लांट लगने के बाद बिजली की सप्लाई भी सोलर प्लांट के जरिए किए जाने की संभावना है।
इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल इंजीनियर मनोज यादव के मुताबिक कैंट स्थित सीएफ बिल्डिंगों पर पावर प्लांट लगाए जाने की कवायद पिछले वर्ष शुरू हो गई थी। नेडा की टीम ने सैटेलाइट सर्वे के जरिए बिल्डिंगों का सर्वे कर प्लांट लगाए जाने की सहमति जताई थी, जिसके बाद बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा तो उसे स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया गया था। बताया कि अब प्रस्ताव मंजूर हो गया है, जल्द ही बजट भी लागू कर दिया जाएगा। बजट मिलने के साथ ही प्लांट लगाए जाने की कार्रवाई शुरू होगी। प्लांट लगने के बाद कार्यालय के उपकरण सोलर एनर्जी से चलेंगे, जिससे बिजली का बिल कम होगा और अतिरिक्त बिजली बिल का भुगतान नेडा की ओर से कैंट बोर्ड को किया जाएगा।
अधिकारियों की अनदेखी से गंदा पानी पी रहे निवासी
बरेली। कैंट के बीआई बाजार निवासी अधिकारियों की अनदेखी से गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। करीब माह भर पहले कैंट बोर्ड अध्यक्ष से की गई शिकायत के बाद भी अब तक गंदे पानी की समस्या का निस्तारण नहीं हो सका है। वहीं अधिकारी सप्लाई के पानी को शुद्ध बताते हुए निवासियों द्वारा लिए गए कनेक्शन की पाइप लाइन खराब होने की बात कह रहे हैं। बोर्ड सदस्य वेद प्रकाश तनेजा के मुताबिक की गई शिकायत पर अधिकारियों ने सप्लाई की पाइप में लीकेज ढूंढने के लिए कर्मचारी भेजे थे, लेकिन कर्मचारी खानापूर्ति कर लौट गए। उन्होंने आगामी बोर्ड बैठक में फिर से शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का मुद्दा उठाने की बात कही है।