बरेली। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने आचार संहिता की आड़ में सड़कों की मरम्मत कराने के नाम पर करोड़ों का पलीता लगाने की तैयारी कर ली है। निर्माण खंड (भवन) के अधिकारियों ने गुरुवार की दोपहर सड़क रिपेयरिंग के 20 काम ई-टेंडरिंग के लिए वेबसाइट पर अपलोड किए और इन्हें अगले ही दिन शुक्रवार को खोला जाना है। जबकि ठेकेदारों को टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कम से कम पांच दिन तो मिलने ही चाहिए। बताते हैं कि अधिकारियों ने अपने चहेते ठेकेदारों से पहले ही सेटिंग कर ली है और अब टेंडर की केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है। जबकि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि इन कामों के टेंडर पहले भी जारी हो चुके हैं। टेंडर न पड़ने से इन्हें दोबारा टेंडर मांगे जा रहे हैं। आचार संहिता के मद्देनजर इतना समय नहीं है कि ज्यादा समय दिया जा सके।
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड भवन डिवीजन ने 20 सड़कों के विशेष मरम्मत कराने के लिए गुरुवार को विभाग की वेबसाइट पर टेंडर अपलोड किए हैं। टेंडर की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए ठेकेदारों को कम से कम पांच दिन का वक्त मिलना चाहिए, ताकि वह ड्राफ्ट, एफडीआर सहित दूसरी कागजी औपचारिकता पूर करने का काम आसानी से पूरा करा सके। जबकि निर्माण खंड भवन के अधिकारियों ने गुरुवार को जारी हुए टेंडरों के लिए पूरा एक दिन का वक्त भी नहीं दिया है। बताते हैं कि करोड़ों के इन कामों को देने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने पहले से ही ठेकेदारों से सेटिंग कर ली है। अब केवल टेंडर प्रक्रिया के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। जबकि अधिकारी इस प्रक्रिया को सही ठहरा रहे हैं, क्योंकि आचार संहिता लगने वाली है। साथ ही इन टेंडरों के लिए पहले भी कई बार सूचना जारी हो चुकी है लेकिन ठेकेदार ही नहीं आ रहे हैं। सवाल यह है कि अगर कांट्रेक्टर इसमें नए सिरे से प्रक्रिया पूरे करे तो वह इसमें कैसे शामिल हो सकता है? अफसरों की इस मनमानी को लेकर कांट्रेक्टर्स में भी नाराजगी है।
आचार संहिता लगने जा रही है। उससे पहले ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होनी है। इसलिए ऐसा किया गया है। वैसे भी इन कामों के लिए पहले भी कई बार टेंडर जारी हो चुके हैं। - वीएम शर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड (भवन)