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साहब चाहें डेयरियों पर लगाम, मातहत दे रहे खुली छूट

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बरेली। नए नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. डेयरी संचालकों पर शिकंजा कसना चाहते हैं। उनका कहना है कि डेयरी संचालकों पर सख्ती करके नाली में गोबर बहाना बंद कराया जाए। इसके लिए उन्होंने निगम के स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। मगर निगम टीम कार्रवाई के नाम पर रस्म अदायगी कर रही है। इसके चलते शहर के तमाम इलाकों में नाले-नालियां चोक हो गए हैं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने जब शहर में जायजा लिया तो ऐसे ही हालात निकलकर सामने आए। कई जगह तो डेयरी संचालक जानवर बांधने के लिए नगर निगम की सड़क भी कब्जाए हुए लेकिन निगम अफसरों की आंखें बंद हैं। नगर आयुक्त के निर्देशों के बावजूद निगम के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कार्रवाई के नाम पर रस्म अदायगी कर रहे हैं।
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बानखाना : चौराहे पर गोबर से चोक नाला
इस इलाके में करीब 70-80 डेयरियां हैं। कुछ डेयरियां तो पतली गली में हैं, जिसके चलते गोबर उठाने के लिए वाहन निकालना संभव नहीं होता। ऐसे में डेयरी संचालक पानी डालकर गोबर को नाली में बहा देते हैं, जिसके चलते बानखाना चौराहे के पास नाला गोबर से चोक हो गया है।

चौधरी मोहल्ला : स्कूल के सामने पाट दिया नाला
इस वार्ड में भी करीब सौ डेयरियां हैं और यह इलाका कुछ निचला भी है। इसके चलते बानखाना क्षेत्र की डेयरियों का गोबर भी नाली में बहकर यहां तक पहुंच जाता है। बीबीएल स्कूल के पास वाला नाला तो गोबर से लगभग पूरी तरह से पट चुका है। इसकी वजह से हर साल यहां सड़क पर पानी भर जाता है।
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सिकलापुर : गोबर से भर दिया एक मीटर चौड़ा नाला
नगर निगम से लगे इस इलाके में पिछले दिनों नगर आयुक्त ने एक डेयरी संचालक पर रिपोर्ट लिखाने के भी आदेश दिए। मगर पुलिस तहरीर दबाकर बैठ गई। इसके बावजूद यहां डेयरी संचालकों पर शिकंजा नहीं कसा जा चुका है। हालात यह हैं कि एक मीटर से ज्यादा चौड़ा नाला भी गोबर से पटने की कगार पर है।

चक महमूद : कच्ची गलियों में डेयरी की गंदगी
पुराना शहर के इस इलाके में तमाम कच्ची गलियां हैं। इसके चलते यहां अक्सर जलभराव हो जाता है। इसका एक बड़ा कारण डेयरियां हैं। डेयरी से निकला गोबर नालियों को चोक कर देता है और नाली का पानी सड़क पर आने लगता है। कई जगह गोबर को खाली प्लाट में भी डाल दिया है, जिससे मच्छर पनप रहे हैं।

शहर में 400 से ज्यादा है डेयरियां
नगर निगम क्षेत्र में 400 से अधिक डेयरियां गलियाें एवं सड़कों पर संचालित हो रही हैं। इसमें सबसे खराब स्थिति बानखाना, गुलाबनगर, सुर्खा, चौधरी मोहल्ला, पुराना शहर, चौपुला, मढ़ीनाथ, सिकलापुर, कालीबाड़ी, आजमनगर, चक महमूद क्षेत्रों में है। डेयरी संचालक न सिर्फ गोबर नालियों में बहाते हैं बल्कि जानवरों को भी सड़क पर छोड़ देते हैं।
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