बरेली। दो अपहरणकर्ताओं को अपर सत्र न्यायाधीश सतीश चंद्र द्विवेदी की अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
घटना थाना आंवला की है, इसकी रिपोर्ट वादी सुरेश ने 14 मार्च, 2012 को लिखाई थी। जिसके मुताबिक 26 फरवरी 2012 की सुबह उनकी बेटी प्रियंका को गांव की नन्हीं देवी शौच के लिए बुलाकर ले गई थी। इसके बाद वापस नहीं आई। बाद में पता चला कि कि अमरपाल, रामपाल और उसकी पत्नी नन्हीं देवी व मचला देवी ने अगवा करने के इरादे से उसे कहीं छुपा दिया है। बाद में पुलिस ने प्रियंका को बरामद कर लिया। निर्मला उर्फ नन्हीं देवी की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील राजेश्वरी गंगवार ने पक्ष रखा। अदालत ने मुन्नी देवी व मचला को बरी करते हुए रामपाल और अमर पाल को दोषी ठहराया।